आगरा में एमजी रोड से हाईवे तक जाम की समस्या से परेशान व्यापारियों ने यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि पर्याप्त पुलिसकर्मियों की तैनाती, ट्रैफिक लाइटों को दुरुस्त करने और नियमों का सख्ती से पालन कराने से राहत मिल सकती है।
आगरा के एमजी रोड से हाईवे तक जाम से जूझते लोगों को राहत तभी मिल सकती है जब मजबूत कार्ययोजना बनाई जाए। पुलिसकर्मियों की तैनाती पर्याप्त संख्या में की जाए। ट्रैफिक लाइट दुरुस्त हो, इनका पालन भी कराया जाए। जाम का निदान तभी संभव है जब अधिकारी खुद सड़क पर जाकर निदान तलाशें। अमर उजाला के अभियान ऑपरेशन ट्रैफिक पर शहर के व्यापारियों ने यह बात रखी।
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पूरा शहर जाम, कारोबार हो रहा प्रभावित
आगरा इलेक्ट्रिक कांट्रैक्टर्स एंड मर्चेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश गुप्ता ने बताया कि शहर में जाम के कारण व्यापारियों को अपने प्रतिष्ठानों तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। त्योहार के चलते कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। पुलिस-प्रशासन को विशेष कार्ययोजना बनाकर जाम की समस्या से निजात दिलानी चाहिए।
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अधिवक्ता उर्वशी वर्मा ने बताया कि धनौली से दीवानी पहुंचने में पहले एक घंटा लगता था, लेकिन अब दो से तीन घंटे लग जाते हैं। पिछले छह महीने से एमजी रोड, रावली, हरीपर्वत और खेरिया मोड़ पर जाम की समस्या बनी हुई है। खेरिया ओवरब्रिज बंद होने से परेशानी और बढ़ गई है।
अधिवक्ता सूरज सिंह ने बताया कि पथौली से दीवानी आते समय सबसे पहले शाहगंज में जाम का सामना करना पड़ता है। अब एमजी रोड पर भी यातायात व्यवस्था बिगड़ी हुई है। चौराहों पर पुलिसकर्मियों और होमगार्ड की तैनाती के बावजूद जाम से राहत नहीं मिल रही है।
अधिवक्ता विशाल चौधरी ने बताया कि घर से निकलते ही सिकंदरा चौराहे पर जाम का सामना करना पड़ता है। हाईवे पर मेट्रो के निर्माण कार्य के कारण गुरुद्वारा गुरु का ताल तक यातायात प्रभावित रहता है। पहले 15 मिनट में दीवानी पहुंच जाते थे, लेकिन अब एक घंटे से अधिक समय लग रहा है।
व्यापारी वेदपाल धर ने बताया कि शहरभर में जाम की समस्या से लोगों को भारी परेशानी हो रही है। घर से निकलने से पहले ही रास्ते को लेकर सोचना पड़ता है, लेकिन जिस मार्ग से गुजरते हैं, वहीं जाम में फंस जाते हैं।
व्यापारी सचिन मल्होत्रा ने बताया कि जाम की समस्या इतनी बढ़ गई है कि लोगों को पैदल निकलने तक की जगह नहीं मिलती। बाजारों में जाम के कारण ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित होती है और कई बार दुकानों पर ग्राहक आना बंद कर देते हैं।
व्यापारी आदित्य माहेश्वरी ने बताया कि जाम के कारण ग्राहकों का बाजार पहुंचना मुश्किल हो गया है। व्यापारियों को अपने घर लौटने में भी घंटों लग जाते हैं। जरूरी काम से घर जाना तक मुश्किल हो रहा है।
व्यापारी संजय जैसवानी ने बताया कि स्कूलों और दफ्तरों की छुट्टी के समय जाम की समस्या और गंभीर हो जाती है। एंबुलेंस और स्कूल बसों का जाम में फंसना आम बात हो गई है। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है।
आगरा सराफा मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष बृजमोहन रैपुरिया ने बताया कि मुख्य बाजारों के रास्ते संकरे होने के कारण सामान्य दिनों में भी जाम लगता है। त्योहार और सहालग के दौरान स्थिति और खराब हो जाती है। संकरे रास्तों वाले बाजारों में वन-वे व्यवस्था लागू की जानी चाहिए।
व्यापारी राकेश गुप्ता ने बताया कि मुख्य बाजारों में पार्किंग की उचित व्यवस्था नहीं होने से जाम की समस्या बनी रहती है। खरीदारों के वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि लोग आसानी से बाजार पहुंच सकें। इस संबंध में प्रशासन को ज्ञापन भी दिया जा चुका है।
लघु उद्योग भारती के जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता ने बताया कि चौराहों पर अतिक्रमण और ऑटो स्टैंड के कारण जाम की समस्या बढ़ रही है। इससे कारोबार प्रभावित होने के साथ ही आम लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। शहर में कुछ किलोमीटर की दूरी तय करने में भी घंटों लग रहे हैं।