आगरा में त्योहारी मौसम में बाजारों को जाम ने बेहाल कर दिया है। पांच मिनट के रास्ते को पार करने में 1 घंटा तक लग रहा है। न वाहनों की पार्किंग के इंतजाम हैं, न ही जाम से निजात का कोई योजना। यही वजह है कि ग्राहक ही नहीं व्यापारियों को भी समस्या से दो-चार होना पड़ रहा है। इसका कोई समाधान भी नहीं है। जाम मुक्त करने के लिए डीजीपी के आदेश को पुलिस खुद पलीता लगा रही है।
एमजी रोड से लेकर हाईवे तक वाहनों को जाम में फंसना पड़ता है। शाहगंज, लोहामंडी, कोतवाली के बाजारों में लोगों को पांच मिनट की दूरी पार करने में 45 से 60 मिनट तक लग रहे हैं। त्योहार से पहले बाजारों को जाम से बचाने की योजना यातायात पुलिस बनाती है मगर सिर्फ कागजों पर। अमर उजाला के अभियान ऑपरेशन ट्रैफिक पर लोगों ने अपनी राय साझा की। उन्होंने कहा कि किसी एक रास्ते पर जाम नहीं लगता है। अगर रास्ता बदल भी दें तो भी इस बात की गारंटी नहीं कि जाम में नहीं फंसेंगे। एक तरफ सड़कें खोद दी गई हैं तो दूसरी तरफ बेतरतीब तरीके से यातायात व्यवस्था ने लोगों का हाल बुरा कर दिया है।
पश्चिमपुरी की पूजा गोस्वामी ने बताया कि जाम के कारण बाजारों में जाने से पहले कई बार सोचना पड़ता है। चार पहिया तो दूर, दोपहिया वाहन ले जाना भी मुश्किल हो गया है। दिवाली को देखते हुए प्रशासन को यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए योजना तैयार करनी चाहिए।
जयपुर हाउस की शालिनी अग्रवाल ने बताया कि बच्चों को स्कूल और लोगों को दफ्तर जाने के दौरान रोजाना जाम से जूझना पड़ता है। अब गलियों और चौराहों पर भी जाम लगने लगा है। अतिक्रमण की समस्या बनी हुई है, लेकिन इस ओर किसी का ध्यान नहीं है।
शिक्षिका नवी चुग ने बताया कि शहर में कई जगह लोग गलत दिशा में वाहन चलाते हैं। इससे हादसों का खतरा बढ़ने के साथ जाम की समस्या भी पैदा होती है। लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने की जरूरत है। यातायात पुलिस की सख्ती नहीं होने से नियमों का उल्लंघन करने वालों पर रोक नहीं लग पा रही है।
व्यापारी वेद पाल धर ने बताया कि शहर के लगभग हर रास्ते पर जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। वाहनों के बेतरतीब संचालन से रास्ते पर वाहन फंस जाते हैं। हर जगह पुलिसकर्मी मौजूद नहीं रहते, जिससे जरूरी काम से निकलने वाले लोगों को परेशानी होती है।
व्यापारी अनामिका माहेश्वरी ने बताया कि चौराहों पर पुलिस सक्रिय रहती है, लेकिन अंदरूनी रास्तों पर जाम लगता है। एक बार वाहन फंसने पर पीछे तक लंबी कतार लग जाती है। यातायात पुलिस को कैमरों के जरिए निगरानी करनी चाहिए, ताकि जाम लगने की स्थिति का तुरंत पता चल सके।
व्यापारी विशाल भार्गव ने बताया कि लोहामंडी बाजार में रोजाना जाम की स्थिति रहती है। दुकानों के बाहर वाहन और ठेले खड़े होने से रास्ते से निकलना मुश्किल हो जाता है। दोपहर में स्थिति और बिगड़ जाती है। पुलिस और नगर निगम को संयुक्त अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाना चाहिए।
कमला नगर की सोनी मिश्रा ने बताया कि घर से निकलने से पहले यह सोचना पड़ता है कि किस रास्ते पर जाम नहीं मिलेगा। सड़कों की बेतरतीब खुदाई के कारण कई रास्तों पर रोजाना जाम में फंसना पड़ता है। इस समस्या को लेकर पुलिस और संबंधित विभाग गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।