योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि एससी एसटी एक्ट में बदलाव के विरोध में हुई हिंसा के पीछे कांगेस, सपा और बसपा के हाथ से इंकार नहीं किया जा सकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इन राजनीतिक दलों के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है। इस वजह से ऐसी हिंसा को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही हैं। ताकि चुनाव में फायदा उठा सकें।
एससी एसटी के लोगों से अपील करते हुए बोले भाजपा सरकार उनके साथ खड़ी है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है। सभी को सुप्रीम कोर्ट के आगे के निर्णय का इंतजार करना चाहिए।
आसनसोल हिंसा
सरकार को पूरा भरोसा है कि न्याय जरूर मिलेगा। नौजवानों को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन उन्हें अपनी बात कानून के दायरे में रखकर ही करना चाहिए।
ऐसा न करने से वह अपराधिक कृत्य के दायरे में आ जाएंगे। उन्हें चिंता करने जरूरत नहीं है। भाजपा की केंद्र सरकार उनके साथ हर वक्त खड़ी है। वह आगरा में मजदूर सम्मेलन में शामिल होने आए थे।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2002 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती की कैबिनेट ने यह फैसला किया था कि एससी एसटी एक्ट के तहत एफआईआर तुरंत दर्ज हो जाएगी।
गठबंधन के बारे में ये बोले
गिरफ्तारी सीओ लेवल के अधिकारी से जांच के बाद ही होगी। यह प्रदर्शन तब नहीं हुआ। इसलिए इस हिंसक प्रदर्शन में राजनीतिक फायदा उठाने की बू आ रही है।
उन्होंने 2019 में होने वाले चुनाव में भाजपा को कितनी सीटें मिलेंगी। इस पर कोई जवाब नहीं दिया। सवाल को टाल गए और कहा कि हम भाजपा में हैं और जनता से पूरी उम्मीद है।
गठबंधन पर बोले कि इसका कोई भविष्य नहीं है। यह गठबंधन पूरी तरह से मुद़्दा विहीन है। इसलिए ज्यादा दिन तक यह गठबंध नहीं टिक पाएगा।