आगरा के सूरकुटी में छात्र की खुदकुशी के बाद मातम पसरा है। स्कूल बंद रहा। अंकित के आत्मघाती कदम से सकते में आए स्कूली बच्चे रातभर रोते रहे। परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए बांदा ले गए हैं।
आगरा के रुनकता में सूरकुटी दृष्टि बाधित विद्यालय के प्रधानाचार्य के भतीजे अंकित (12) के आत्मघाती कदम से विद्यालय के बच्चे सहम गए। अंकित के आज्ञाकारी स्वभाव से वह सबका लाड़ला था। उसकी मौत ने विद्यालय के हर शख्स को सदमे में ला दिया। परिजन उसके शव को अंतिम संस्कार के लिए बांदा लेकर चले गए।
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सूरकुटी विद्यालय में शुक्रवार की रात को गेंद खो जाने पर हुए झगड़े के बाद अंकित ने कमरे में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली थी। घटना के बाद पूरी रात विद्यालय के बच्चे सो नहीं सके। शनिवार को विद्यालय भी बंद रहा। विद्यालय के बच्चे भी अंकित को याद करके रो रहे थे। शनिवार की सुबह बांदा से अंकित के माता-पिता विद्यालय में पहुंचे।
मां शिवकुमारी अपने बेटे के शव को देखकर सुधबुध खो बैठी तो रिश्तेदारों ने किसी तरह संभाला। पिता का भी रो-रोकर बुरा हाल था। उनका कहना था कि उन्होंने आगरा में अच्छी शिक्षा के लिए बेटे को भेजा था।
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उन्हें क्या पता था कि वह बेटे को खो देंगे। पिता ने किसी तरह की पुलिस कार्रवाई से इनकार कर दिया। इसके बाद परिजन शव को लेकर बांदा चले गए। विद्यालय में बच्चे की मौत के बाद पुलिस ने भी पहुंचकर घटना की जानकारी हासिल की।
सूरकुटी विद्यालय के रिकॉर्ड रूम में छात्र ने की खुदकुशी
आगरा के कीठम स्थित दृष्टिबाधित सूरकुटी विद्यालय के रिकॉर्ड रूम में शुक्रवार शाम को प्रधानाचार्य के 12 वर्षीय भतीजे अंकित ने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। वह कक्षा चार का छात्र था। फुफेरी बहन से बॉल गुम होने के बाद हुए झगड़े से आहत होकर यह कदम उठाने की बात कही जा रही है। पुलिस जांच में जुटी है।
मूल रूप से बांदा के रहने वाले अंकित के पिता अशोक कुमार मजदूरी करते हैं। अशोक सूरकुटी विद्यालय के प्रधानाचार्य महेश कुमार के साले हैं। अंकित 4 साल से फूफा के पास रह रहा था। वह दृष्टिबाधित नहीं था। रुनकता स्थित एक स्कूल में कक्षा 4 का छात्र था। विद्यालय परिसर में ही प्रधानाचार्य का आवास है। शुक्रवार को फर्नीचर कारीगर काम करने आया था। शाम 4:30 बजे अंकित फुफेरी बहन पूजा के साथ बॉल से खेल रहा था।
खेलते समय गेंद खो गई। इस पर दोनों के बीच झगड़ा हो गया। पुलिस ने बताया कि गुस्से में अंकित में पूजा ने थप्पड़ मार दिया। इससे वह गुस्सा होकर कमरे की तरफ चला गया। काफी देर तक नजर नहीं आने पर महेश कुमार तलाश करने लगे। शाम 6:30 बजे रिकार्ड रूम में गए। उसका दरवाजा अंदर से बंद था। इस पर खिड़की से देखा। अंकित पंखे से बने फंदे पर लटका हुआ था। महेश कुमार ने फर्नीचर कारीगर को बुलाया। खिड़की को ग्राइंडर से काटकर अंदर प्रवेश किया। इसके बाद फंदे से उतारकर अस्पताल ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
सूचना पर रात तकरीबन 10:30 बजे एसीपी हरीपर्वत आदित्य, इंस्पेक्टर सिकंदरा नीरज कुमार शर्मा फोर्स के साथ पहुंचे। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। एसीपी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला खुदकुशी का है। 12 साल के बालक ने खुदकुशी की है। पुलिस जांच में जुटी है। प्रधानाचार्य का कहना है कि भतीजे का उनकी बेटी से खेलने के दौरान झगड़ा हो गया था। खुदकुशी के पीछे कोई वजह नहीं है। घटना से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।