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UP: चाय में घोलकर पिलाई मां-बेटे को मौत... फिर खुद लगाता रहा सिगरेट के कश पे कश; खौफनाक अंत से दहल गए लोग

Mon, 12 Feb 2024 11:05 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा के पॉश इलाके लॉयर्स कॉलोनी में एक युवक ने मां-बेटे की हत्या के बाद खुदकुशी कर ली। युवक की पत्नी खाटू श्याम दर्शन के लिए गई थी। आरोपी ने मां-बेटे को पहले जहर दिया। इसके बाद खुद फंदे पर झूल गया।
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Agra Suicide after murder - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के लॉयर्स कॉलोनी में मैनेजर तरुण उर्फ जॉली ने बुजुर्ग मां ब्रजेश देवी और बेटे कुशाग्र को चाय में विषाक्त घोलकर दिया था। दोनों की जब तक सांसें नहीं थम गईं, तब तक सिगरेट के कश लगाता रहा। मां-बेटे की तड़पते हुए जान निकलने के बाद खुद भी फंदा बना लिया। 
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पुलिस ने घटनास्थल पर जांच की तो हालात यही बयां कर रहे थे। हालांकि दादी और पौत्र की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण पता नहीं चला है। विसरा सुरक्षित रखा गया है। विधि विज्ञान प्रयोगशाला में भेजा जाएगा। एक तरफ मां की जिंदगी छीन ली तो दूसरी तरफ कुलदीपक बुझा दिया।

एसीपी सैयद अरीब अहमद ने बताया कि तीनों मौतों के बाद घर में जांच के लिए फील्ड यूनिट को बुलाया गया था। टीम ने साक्ष्य संकलन किया। घर में संघर्ष के निशान नहीं मिले। भूतल पर किचिन के पास बने कमरे में बुजुर्ग ब्रजेश देवी बिस्तर पर सोने वाली अवस्था में मिलीं। उनके कमरे में एक खाली गिलास और थायराइड की गोली मिलीं। 
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वहीं पौत्र कुशाग्र पहली मंजिल पर बने अपने कमरे में बेड पर पड़ा था। उसके ऊपर चादर पड़ी थी। दोनों हाथों के नाखून नीले पड़े हुए थे। मुंह से उल्टी भी हुई थी। उल्टी फर्श पर गिरी थी। इसे साफ कर दिया था। मगर, चादर पर लगी रह गई थी। 

कमरे में एक गिलास में थोड़ी चाय थी। पास में एक कटोरी थी। उसमें कई सारे सिगरेट के जले हुए टुकड़े पड़े थे। इसके अलावा कमरे में खाने की कोई चीज नहीं मिली। सीढि़यों के पास कमरे में तरुण रस्सी से बने फंदे पर लटका हुआ था।

विषाक्त आखिर कौन सा था
आशंका है कि तरुण ने चाय में विषाक्त देने के बाद पहले मां और बेटे की मौत का इंतजार किया होगा। खुद सिगरेट पर सिगरेट पीता रहा। उसकी मां और बेटे की जान निकलने के बाद खुद अपने गले में फंदा लगाया। घर के हालात तो यही बता रहे थे। पुलिस ने घर में तलाशी ली। 
 

यह जानने की कोशिश की कि विषाक्त आखिर कौन सा था, किसी शीशी या कागज में तो नहीं लाया गया। रसोई में एक बर्तन में आलू गोभी की सब्जी रखी थी। यह रजनी बनाकर गई थी। रेपर के ऊपर अधजली तीन रोटियां रखी थीं। सिंक में बेटे की प्लास्टिक की थाली के साथ एक छोटी प्लेट और गिलास रखा था। 

 

आशंका है कि तरुण, कुशाग्र और ब्रजेश देवी ने खाना खाया होगा। रात में बर्तन नहीं धोए होंगे। इंडक्शन चूल्हे पर एक कटोरे पर चायपत्ती छलनी में रखी हुई थी। बर्तन में कुछ चाय भी थी। यही चाय पीने के लिए दी होगी। फील्ड यूनिट ने रोटियों, सब्जी और बर्तन में पड़ी चाय का सैंपल लिया है। इसके अलावा कुशाग्र के मुंह से निकली खून की उल्टी को भी गद्दे के साथ लिया।

रात में हुई थी मौत
उधर, तीनों के शवों का पोस्टमार्टम रविवार शाम सात बजे तक हुआ। इस पर परिजन शव ले गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ब्रजेश देवी और कुशाग्र की मौत का कारण पता नहीं चल सका। विसरा सुरक्षित रखा गया है। इसे विधि विज्ञान प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जाएगा। आशंका है कि उनको चाय में विषाक्त पदार्थ दिया गया। वहीं तरुण की मौत का कारण फांसी लगने से आया है। तीनों की मौत शनिवार शाम को 7 से 9 बजे होने का अनुमान है।
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टेंपो में ले गई तीनों के शव
तीन लोगों की मौत हुई। मगर, पुलिस के पास शव ले जाने के लिए कोई वाहन तक नहीं था। शव ले जाने के लिए पुलिस ने सड़क से ही एक टेंपो पकड़ा। उसमें तीनों के शवों को लाया। पुलिस एक साथ तीनों के शव ले गई।
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