उप निबंधक का कारनामा देखिए। मकान के स्टांप शुल्क पर फैक्टरी का बैनामा पंजीकृत कर दिया। विक्रीत भूमि (वह भूमि जो बेची जा चुकी है और जिसके स्वामित्व का हस्तांतरण विक्रेता से खरीदार को हो चुका है) का मौका-मुआयना तक नहीं किया। इससे स्टांप शुल्क में लाखों रुपये की धांधली हो गई। सभासद की शिकायत पर हुई जांच में आरोप सही मिलने पर महानिरीक्षक स्टांप नेहा शर्मा ने उप निबंधक एत्मादपुर दर्शना जैन को प्रतिकूल प्रविष्ट देने के आदेश दिए हैं।
एत्मादपुर उप निबंधक कार्यालय में हुए इस फर्जीवाड़े की शिकायत एत्मादपुर नगर पालिका, वार्ड-20 के सभासद सोमेंद्र राजपूत ने उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से की थी। जिसमें विलेख पत्र संख्या 803/2024, विलेख संख्या 17377/2023 के अलावा विलेख संख्या 6931/2024, विलेख संख्या 6930/2024, विलेख पत्र 6556/2024, विलेख संख्या 6927/2024 आदि में लाखों रुपये की स्टांप शुल्क चोरी के आरोप लगाए।
कहा कि कोल्ड स्टोरेज, फैक्टरी व अन्य व्यावसायिक संपत्तियों के बैनामा मकान व आवासीय भूमि के स्टांप शुल्क पर हुए। जिससे शासन को लाखों रुपये की स्टांप क्षति पहुंची। सभासद ने उप निबंधक दर्शना जैन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। महानिरीक्षक स्टांप नेहा शर्मा ने जांच कराई तो पता चला कि उप निबंधक ने बैनामा पंजीकरण के बाद स्थलीय निरीक्षण नहीं किया। बैनामा से संबंधित गोपनीय आख्या भी सहायक निरीक्षक को नहीं भेजी। जबकि, इसे 6 महीने में भेजना अनिवार्य है। इसके अलावा उच्च अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना की गई। उप निबंधक को दोषी मानते हुए महानिरीक्षक ने प्रतिकूल प्रविष्टि के आदेश दिए।