आगरा लोकसभा क्षेत्र से भाजपा के सांसद प्रोफेसर रामशंकर कठेरिया पर आठ साल पहले किए गए हमले के मामले में आरोपी सात लोगों को दोषी पाते हुए एक-एक साल कारावास की सजा सुनाई है।
इन्हें एक-एक हजार रुपये जुर्माना भी देना होगा। पुलिस ने एफआईआर में जानलेवा हमले की धारा भी लगाई थी, लेकिन कोर्ट में यह साबित नहीं हो पाया। सजा मारपीट की धारा में हुई है।
रामशंकर कठेरिया एससी आयोग के अध्यक्ष भी हैं। दोषी करार दिए गए लोगों में शहीद नगर के बच्चू, भांजू, बंगाली, कय्यूम, बबलू, भोला और रूसी उर्फ इकबाल हैं। इनमें बबलू, भोला और रूसी सगे भाई हैं।
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घटना 17 मार्च 2010 की है। वह शहीद नगर में आयोजित झूलेलाल जयंती समारोह में भाग लेकर लौट रहे थे। शहीद नगर तिराहे पर कुछ लोगों ने उनकी गाड़ी पर हमला बोल दिया था।
उन्होंने तहरीर दी थी कि 400-500 लोगों ने हमला किया है। इसमें उनकी सरकारी गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हो गई थी। आरोप यह भी था कि उन पर फायरिंग की गई। इसमें वह बाल-बाल बचे।
गाड़ी में उनके साथ सुरक्षाकर्मी एचसीपी सुल्तान सिंह, अनिल चौधरी और अखिलेश चौहान थे। गाड़ी पर पथराव किया गया था इससे गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई थी।
साबित नहीं कर सके
पुलिस ने बलवा, जानलेवा हमला, सरकारी काम में बाधा और सेवन क्रिमिनल लॉ एक्ट केतहत केस दर्ज किया था। इसी में चार्जशीट दाखिल की गई थी।
एडीजीसी विमलेश आनंद ने सात गवाह कोर्ट में पेश किए लेकिन जानलेवा हमले का आरोप साबित नहीं हो पाया। यह केस अपर जिला जज अनिल कुमार द्वितीय की कोर्ट में चला।