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गजब का खेल: फर्जी पीपीए से स्कूल के खाते में सेंध, 35 हजार रुपये हुए गायब; फर्जी हस्ताक्षर से हो गया भुगतान

Fri, 09 Oct 2026 08:49 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा के बाह ब्लॉक स्थित प्राथमिक विद्यालय नगरिया की विद्यालय प्रबंध समिति के खाते से कथित तौर पर पीएफएमएस आईडी-पासवर्ड का दुरुपयोग कर फर्जी पीपीए के जरिये 35,074 रुपये निकाल लिए गए। शिक्षक ने अक्टूबर 2025 में शिकायत की थी, लेकिन करीब एक साल बाद भी रकम वापस नहीं मिली और न ही कार्रवाई हुई।
 
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प्राइमरी स्कूल/परिषदीय स्कूल/सरकारी स्कूल (सांकेतिक) - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
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विस्तार
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बाह विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय नगरिया के विद्यालय प्रबंध समिति (एसएमसी) खाते से पीएफएमएस की आईडी-पासवर्ड का कथित दुरुपयोग कर फर्जी पीपीए के जरिये 35,074 रुपये निकाल लिए गए। मामला सामने आने के बाद शिक्षक ने पिछले वर्ष ही अधिकारियों से शिकायत की थी लेकिन करीब एक साल बीतने के बाद भी न तो मामले में कोई कार्रवाई हुई और न ही स्कूल के खाते से निकाली गई रकम वापस मिली।
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सहायक अध्यापक ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि 24 अक्तूबर 2025 को बैंक ऑफ बड़ौदा की फतेहाबाद रोड शाखा के प्रबंधक ने पत्र लिखकर एसएमसी खाते से 35,074 रुपये के भुगतान की जानकारी दी। बैंक पहुंचने पर पता चला कि यह भुगतान अमन नामक व्यक्ति के नाम से तैयार किए गए फर्जी पीपीए के जरिए भारतीय स्टेट बैंक की फतेहाबाद रोड शाखा स्थित खाते में ट्रांसफर किया गया। पीपीए पर शिक्षक और विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष के फर्जी हस्ताक्षर भी हैं। शिक्षक का कहना है कि उन्होंने इसकी जानकारी खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) बाह को भी दी थी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

अन्य विद्यालयों को भी बनाया गया निशाना
जांच के दौरान बैंक प्रबंधक ने यह भी खुलासा किया कि बाह क्षेत्र के पांच अन्य विद्यालयों के नाम से भी फर्जी पीपीए तैयार कर बैंक में भुगतान के लिए लगाए गए हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि किसी गिरोह द्वारा एक से अधिक विद्यालयों की पीएफएमएस आईडी और पासवर्ड का दुरुपयोग कर सरकारी धन हड़पने की कोशिश की गई है।
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अधिकारी बोले- पैसा वापस आ जाएगा तो शिक्षक चुप हो गए
ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि शिकायत के बाद खंड शिक्षा अधिकारी व तत्कालीन बीएसए ने उन्हें भरोसा दिया था कि रकम वापस करा दी जाएगी। इसी कारण उन्होंने मामले में आगे ज्यादा पैरवी नहीं की। करीब एक साल होने को है लेकिन आज तक खाते में एक रुपया भी वापस नहीं आया। वहीं बीएसए डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि मामले की जांच करा आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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