समाजवादी नेता राममनोहर लोहिया के विचारों का अनुसरण करने वाले समाजवादी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता उनकी जयंती पर ही एकजुट नजर नहीं आए। जिला और महानगर इकाई ने अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए।
यह पहला मौका नहीं है। सत्ता जाने के बाद दोनों इकाइयों ने एकजुट होकर एक भी न तो कार्यक्रम किया है और न ही प्रदर्शन। हाल ही में गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीट पर मिली जीत का जश्न भी दोनों इकाइयों ने अलग-अलग मनाया।
इसके बाद आठ वर्षीय बच्ची की रेप के बाद हत्या के विरोध पर भी दोनों के खेमों के बीच पाले खिंचे नजर आए। विपक्ष में रहते हुए सपा सरकार के खिलाफ एकजुट नहीं हो पा रही है।
शुक्रवार को जिला इकाई द्वारा फतेहाबाद रोड स्थित पार्टी कार्यालय पर स्वतंत्रता सेनानी, प्रखर चिंतक और समाजवादी नेता राममनोहर लोहिया की जयंती पर गोष्ठ आयोजित की गई।
इस दौरान वक्ताओं ने उनके विचार और आदर्शों पर प्रकाश डाला। सपाइयों ने उनके पदचिह्नों पर चलने का संकल्प भी लिया। जिलाध्यक्ष रामसहाय यादव, श्याम भोजवानी, ममता टपलू, अनिल रावत, वीनू महाजन, आदि मौजूद थे।
वहीं महानगर इकाई ने संजय प्लेस स्थित शहीद स्मारक पर गोष्ठी आयोजित की गई। यहां भी लोहिया की नीतियों और सिद्धांतों पर चर्चा की गई। इस दौरान स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को भी याद किया गया।