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UP: संसाधनों की कमी से पिछड़ रहा आगरा का रेडीमेड उद्योग, सस्ते प्लॉट और रेडीमेड हब...उद्यमियों ने उठाई ये मांग

Fri, 09 Jan 2026 10:22 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा का रेडीमेड उद्योग संसाधनों की कमी से पिछड़ रहा है। शहर में रेडीमेड हब बनने और कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने से निर्यात में भी बढ़ोतरी होगी जिससे युवाओं को रोजगार मिलेगा।
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कपड़ा उद्यम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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स्टाइलिश और मजबूती आगरा के रेडीमेड कपड़ों की खूबियां हैं। कपड़ा कारोबारियों का कहना है कि आधुनिक मशीनें और प्रशिक्षित कर्मचारियों की कमी से आगरा का रेडीमेड कपड़ा का कारोबार पिछड़ रहा है। ब्रांडेड कंपनियां लेेटेस्ट डिजाइन के बलबूते बाजी मार रही हैं। शहर में रेडीमेड हब बनने और कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने से निर्यात में भी बढ़ोतरी होगी जिससे युवाओं को रोजगार मिलेगा।
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आगरा रेडीमेड गारमेंट एसोसिएशन के महामंत्री गौरव जैन ने बताया कि जिले में 150 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, 200 ट्रेडर्स रेडीमेड कपड़े से जुड़े हुए हैं। साथ ही 15 हजार से अधिक कपड़ा विक्रेता और एक लाख परिवार कपड़ा उद्यम से जुड़े हैं। रेडीमेड कपड़ों का अमेरिका, दुबई में अधिकांश निर्यात होता है। नामी कंपनियों के पास लेटेस्ट मशीनें और प्रशिक्षित कर्मचारी हैं। इसके बलबूते वो बढ़त बनाए हुए हैं। रेडीमेड कपड़ा उद्यम नॉन पॉल्यूशन इंडस्ट्रीज में आता है, ऐसे में यहां एक रेडीमेड कपड़ा हब बनाने जरूरत है। इसमें सरकार 500 से 5000 वर्ग गज के प्लाॅट उपलब्ध कराए। इसमें व्यापारी अपनी छोटी-बड़ी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगा सकें। आधुनिक मशीनों पर सब्सिडी दी जाए और कर्मचारियों को लेटेस्ट डिजाइन का प्रशिक्षण भी दिया जाए। ये दो कार्य होने पर कई देशों में निर्यात के साथ घरेलू बाजार भी बढ़ेगा।


एक्सपो का हो आयोजन
 रेडीमेड कपड़ा मैन्युफैक्चरर्स असीम गुप्ता का कहना है कि निर्माण इकाइयां खोलने के लिए सरकार से सस्ती दर पर जमीन, नए सेटअप के लिए अनुदान और मशीनों पर सब्सिडी मिले तो इससे युवा उद्यमी और रोजगार बढ़ेंगे। उत्पाद की बिक्री के लिए सरकार की ओर से एक्सपो का आयोजन हो जिसमें देश-विदेश के खरीदार आएं।
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कपड़ा मंडी का हो निर्माण
आगरा गारमेंट संगठन के सचिव अशोक माहेश्वरी का कहना है कि रेडीमेड गारमेंट कारोबार अभी अव्यवस्थित है। सिकंदरा में औद्योगिक क्षेत्र की तरह ही सरकार को कपड़ा मंडी बनाने की जरूरत है। इसमें चौकी, बैंक, पानी, बिजली समेत अन्य सुविधाएं दी जाएं। इसमें ही रेडीमेड कपड़ा उद्योग स्थापित हो। इससे उत्पादन के साथ निर्यात में बढ़ोतरी होगी।
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