आगरा की कीठम झील को ईको टूरिज्म स्पॉट के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना बनाई जा रही है। योजना में बोटिंग, टॉय ट्रेन और पर्यटकों के लिए नई सुविधाएं शामिल हैं, जबकि पर्यावरण और वन्यजीवों के संरक्षण पर भी जोर रहेगा।
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सूर सरोवर पक्षी विहार (कीठम झील) को ईको टूरिज्म स्पॉट के रूप में विकसित किया जाएगा। इसका ईको सेंसिटिव जोन अब बढ़कर 798.15 हेक्टेयर हो गया है, जिसके बाद उत्तर प्रदेश वन विभाग और ईको टूरिज्म बोर्ड ने मिलकर इसके विकास की कार्ययोजना तैयार की है। इस पहल से पर्यावरण और वन्यजीवों के संरक्षण को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ पर्यटन को भी नए पंख लगेंगे।
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योजना के तहत पक्षी विहार में पर्यटकों के लिए सुविधाओं का दायरा बढ़ाया जाएगा। झील में बोटिंग और टॉय ट्रेन समेत कई मनोरंजक संसाधन विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा पर्यटकों की सुविधा के लिए कैंटीन, आधुनिक शौचालय और इंटरप्रिटेशन सेंटर भी बनाए जाने हैं। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए परिसर के भीतर वाहनों और व्यावसायिक गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा।
पर्यटकों के आवागमन के लिए ई-रिक्शा और गोल्फकार्ट की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जबकि वाहनों के लिए मुख्य गेट पर ही पार्किंग की व्यवस्था होगी। डीएफओ राजेश कुमार ने बताया कि कीठम में इन पर्यटक सुविधाओं के विकसित होने से पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिलेगा और साथ ही ईको सेंसिटिव जोन के विस्तार से यहां के जीव-जंतुओं और प्रवासी पक्षियों का संरक्षण भी और अधिक सुरक्षित हो सकेगा।