छात्रा संजलि घर से डेढ़ किलोमीटर दूर नौमील गांव स्थित अशरफी देवी छिद्दा सिंह इंटर कॉलेज से छुट्टी के बाद लौट रही थी। घर से 500 मीटर पहले हमलावरों ने उसे रोका, उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी और भाग निकले।
संजलि 75 फीसदी झुलस गई थी। उसका दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उपचार चल रहा था। गुरुवार सुबह संजलि की मौत हो गई। इधर, घटना के खुलासे के लिए पुलिस टीमें स्कूल की छात्राओं, स्टाफ से पूछताछ कर रही हैं।
संजलि के परिवार के नजदीकी लोगों का कहना है कि संजलि डायरी लिखती थी। उसे जो भी अच्छा लगे, बुरा लगे, उसे डायरी में लिखती थी। हो सकता है कि उसने डायरी में आरोपी का नाम भी लिख रखा हो।
पुलिस के सामने दिक्कत यह है कि उसकी डायरी कहां से मिले, जब पूरा बैग ही जलकर राख हो गया। यह भी बात सामने आई है कि एक युवक उसका पीछा करता था, 15 दिन पहले उसकी साइकिल को धक्का दिया था। वो बाइक से आता था।
अशरफी देवी छिद्दा सिंह इंटर कॉलेज में बुधवार को पुलिस ने डेरा जमा लिया। लालऊ गांव से दहशत के मारे छात्र-छात्राएं आए ही हीं। आसपास के अन्य गांवों से कुछ आए थे, उनकी भी पढ़ाई की छुट्टी हो गई। स्कूल का स्टाफ दिनभर पुलिस के सवालों के जवाब देने में ही लगा रहा।