सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि दोपहर डेढ़ बजे ही एक गाड़ी आई थी। साढ़े तीन बजे छात्रा पहुंची। वह उसे लेकर चला गया। गाड़ी का नंबर पुलिस को मिल गया। इससे गाड़ी मालिक का पता चला। गाड़ी में जीपीएस लगा था। उसकी लोकेशन मिल रही थी। गाड़ी लखनऊ के लिए बुक की गई थी। मगर, उसे दिल्ली ले जाया गया।
आरोप लगाया कि थाने के एक दरोगा ने उन्हें दिल्ली जाने के लिए गाड़ी का इंतजाम करने के लिए कहा। इस पर वो बोलेरो लेकर आए। मगर, दरोगा ने मना कर दिया। इस पर दूसरी गाड़ी की। इस बार भी इनकार कर दिया। बाद में अर्टिगा लेकर आए। तब दरोगा और कुछ सिपाही साथ चलने के लिए तैयार हुए। तब तक आरोपी दूर निकल चुका था।