इस बार गर्मी हर रिकाॅर्ड तोड़ने की ओर बढ़ रही है। मई माह में अधिकतम तापमान 47 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है। रविवार को सुबह 8 बजे से ही सूरज के तेवर तीखे हो गए। सुबह 11 बजे तक तो बाजारों में सन्नाटा पसर गया। सदर बाजार, राजा मंडी, कमला नगर में मार्केट सूने पड़े थे। हाइवे और एमजी रोड पर भी वाहनों की संख्या बेहद कम रही।
जो लोग घर से निकल रहे थे वह सिर से लेकर पैर तक खुद को कवर किए हुए थे। ताजमहल में तपते संगमरमर पर पर्यटकों की हालत बिगड़ रही थी। दोपहर को बहुत कम ही संख्या में पर्यटक ताज पहुंचे। यही हाल आगरा किला सहित अन्य स्मारकों में देखने को मिला।
एक सप्ताह से पारा 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक बना हुआ है। रविवार का न्यूनतम तापमान 28.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जोकि सामान्य से अधिक दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार अभी गर्मी से राहत मिलने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है। आगामी दो से तीन दिन तक गर्म तेज हवाएं चलेगी, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ेगी।
30 साल पहले पारा पहुंचा था 48.5
आगरा। आगरा में सबसे गर्म दिन 30 साल पहले 31 मई 1994 को रिकाॅर्ड किया गया था। तब अधिकतम तापमान 48.5 दर्ज किया गया था। मौसम विभाग के पूर्वानुमान केंद्र के मुताबिक, भीषण गर्मी के दौरान लोग सावधानी बरतें। लू चलने पर खेतों आदि खुले स्थानों पर समय बिताने से बचें।
पांच साल में 19 मई सबसे गर्म दिन
वर्ष तापमान
2024 47.7/ 28.9 डिग्री सेल्सियस
2023 41.2/ 26.0 डिग्री सेल्सियस
2022 45.8/ 28.1 डिग्री सेल्सियस
2021 45.4/ 22.2 डिग्री सेल्सियस
2020 43.2/ 26.6 डिग्री सेल्सियस
2019 39.8/23.8 डिग्री सेल्सियस
पानी और बिजली की किल्लत
जिले में भीषण गर्मी के कारण बिजली और पानी की किल्लत नजर आने लगी है। ग्रामीण क्षेत्रों में 12 से 14 घंटे बिजली सप्लाई हो रही है, जिससे पानी की समस्या भी खड़ी हो रही है। पानी की समस्या को लेकर छावनी क्षेत्र के लोगों ने रविवार को प्रदर्शन भी किया। बरौली अहीर, शमसाबाद, लादूखेड़ा, फतेहपुर सीकरी, फतेहाबाद आदि में बिजली कटौती की परेशानी बनी हुई है।