अगर सब कुछ ठीक रहा तो मंगलवार को झांसी मंडल का धौलपुर सेक्शन आगरा रेल मंडल में शामिल हो सकता है। आगरा रेल मंडल उत्तर मध्य रेलवे का सबसे छोटा मंडल होने के कारण लंबे समय से सीमा विस्तार की मांग की जा रही थी। दोनों मंडलों ने औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। इसी कड़ी में सोमवार को अधिकारियों ने धौलपुर सेक्शन का निरीक्षण किया।
आगरा रेल मंडल एनसीआर के सबसे महत्वपूर्ण रेल मंडलों में शामिल है। इसके विस्तार के लिए मुख्यालय की ओर से प्रस्ताव बनाकर बोर्ड को भेजा गया, जिसे मान लिया गया है। गत दिवस इलाहाबाद में झांसी और आगरा के अधिकारियों की बैठक भी हो चुकी है। इसमें धौलपुर को हस्तांतरित करने पर सहमति बनी। विस्तार के बाद आगरा मंडल इलाहाबाद के बराबर होने की संभावना है।
वर्तमान में तीनों मंडल का रूट (किमी में)
झांसी मंडल 1,534 किमी.
इलाहाबाद मंडल 1,053 किमी.
आगरा रेल मंडल 562 किमी.
विस्तार के बाद बढ़ेगा ट्रेनों का संचालन
आगरा मंडल के खाते में कई ट्रेन संचालित करने का जिम्मा बढ़ जाएगा। धौलपुर से नैरो गेज ट्रैक पर चलने वाली धौलपुर-बाड़ी ट्रेन, ग्वालियर से संचालित होने वाली करीब आधा दर्जन ट्रेन भी आगरा के खाते में आ सकती हैं। जिन्हें अभी तक झांसी मंडल संचालित करता है।
‘मंगलवार को धौलपुर स्टेशन को आगरा रेल मंडल में शामिल करने की संभावना है। इसकी तैयारियां चल रही हैं।’
भूपेंदर ढिल्लन, जनसंपर्क अधिकारी
अभी तक का क्षेत्र
आगरा रेल मंडल का क्षेत्र अभी दिल्ली की ओर से पलवल तक, राजस्थान की ओर बयाना, बांदीकुईं तक, मथुरा से अलवर तक, आगरा से टूंडला तक, और कैंट से धौलपुर की ओर दो किमी दूर भांडई तक है।
विस्तार के बाद का क्षेत्र
आगरा रेल मंडल का विस्तार होता है तो झांसी और इलाहाबाद मंडल का काफी हिस्सा आगरा मंडल में जुड़ जाएगा। मध्यप्रदेश की ओर ग्वालियर तक बढ़ने की संभावना है। इटावा के उदी मोड़ तक (बटेश्वर-आगरा लाइन) भी आगरा मंडल में जोड़ दी जाएगी। इसे भांडई से बटेश्वर की ओर ले जाया गया है।