फिरोजाबाद के अधिवक्ता अकरम अंसारी का तीन फरवरी को भगवान टाकीज से गुर्जर गैंग ने अपहरण किया था। अपहरणकर्ता उन्हें बोलेरो में डालकर ले गए थे। धौलपुर के बाड़ी में एक मकान में रखे हुए थे।
अपहरणकर्ताओं ने फिरौती के लिए चार बार कॉल किया। रविवार को अधिवक्ता के भाई असलम ने अपहरणकर्ताओं को फिरौती की रकम पहुंचाई। पुलिस ने बताया कि अपहरणकर्ताओं को योजनाबद्ध तरीके से जाल में फंसाया गया।
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फिरौती की रकम देने के 24 घंटे बाद बदमाशों की घेराबंदी कर ली गई। सोमवार रात को अधिवक्ता को मुक्त कराने के बाद पांच अपहरणकर्ता और एक महिला को गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को पुलिस लाइन में एडीजी अजय आनंद ने प्रेसवार्ता कर ऑपरेशन अकरम की जानकारी दी।
एडीजी ने बताया कि फिरोजाबाद के थाना दक्षिण स्थित राजपूताना मोहल्ला निवासी अकरम अंसारी तीन फरवरी को अपने रिश्तेदार की बेटी को देखने श्रीराम हॉस्पिटल आए थे। शाम को साढ़ू फैज अंसारी ने उन्हें कारगिल चौराहा से एक आटो में बैठा दिया।
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लिफ्ट देकर किया था अपहरण
वकील अकरम अंसारी का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
वो सिकंदरा से आईएसबीटी आ गए। मगर, बस नहीं मिलने पर भगवान टाकीज पर आकर वाहन का इंतजार करने लगे। तभी एक बोलेरो आकर रुकी। चालक ने कहा कि फिरोजाबाद छोड़ देंगे। इस पर अधिवक्ता बैठ गए।
बोलेरो में चालक सहित चार लोग थे। मगर, बदमाशों ने उनसे जाति और धर्म पूछा। इस पर अकरम को शक हो गया। उन्होंने और सवारी बैठाने के लिए कहा, लेकिन मना कर दिया। बाद में अकरम के एक थप्पड़ मारकर सीट के नीचे डाल दिया। उसके आंखों पर पट्टी बांध दी।
दो घंटे तक गाड़ी चलाने के बाद धौलपुर के बाड़ी ले गए। रास्ते में मकान और खेत के बारे में पूछा। पहली बार पांच फरवरी को अकरम के भाई असलम को फोन करके 50 लाख रुपये फिरौती मांगी। इसके बाद तीन बार और फिरौती के लिए कॉल किया।
योजना के तहत फिरौती दिलवाई
जानकारी देते एडीजी अजय आनंद साथ में अन्य अधिकारीगण
- फोटो : Amar Ujala
अपहरणकर्ता 15 लाख रुपये पर आ गए। रविवार को पुलिस ने योजना के तहत फिरौती दिलवाई। बदमाशों ने भाई असलम को भरतपुर स्थित गढ़ी बाजना के जंगल में भैरो बाबा के मंदिर के पास बुलाया। असलम 12.5 लाख रुपये से भरा बैग वहां रख आया।
पुलिस योजनाबद्ध तरीके से मौजूद रही। फिरौती देने के बाद टीम सक्रिय हो गई। पुलिस बैग उठाने वाले के पीछे लग गई। सोमवार रात तकरीबन आठ बजे बाड़ी में एक मकान पर दबिश देकर पुलिस ने तीन बदमाश को पकड़ लिया।
तीन बदमाश हैं गैंग के सरगना
इनमें गैंग का सरगना उग्रसेन, लाखन और सुरेंद्र थे। उन्होंने पूछताछ में अपहरण की बात कबूली। उग्रसेन ने अपने साले राकेश और मुकेश के मकान में अपहृत को रखने की बात कही। इस पर पुलिस वहां पहुंच गई। घेराबंदी कर असलम को बरामद कर लिया। दोनों आरोपी और पकड़े गए। पुलिस ने उग्रसेन की पत्नी उर्मिला को भी पकड़ा है।
एडीजी ने बताया कि अपहरणकर्ताओं को पकड़ने के लिए योजना बनाई थी। उन्हें पहले ही चिह्नित कर लिया था। मगर, अपहृत को बरामद करने के बाद ही पकड़ना था। फिरौती लेने के बाद बदमाश निश्चिंत हो गए थे। इस पर पुलिस ने घर की घेराबंदी करके दबिश दी। अधिवक्ता की बरामदगी के लिए पुलिस की 20 से अधिक टीम लगी थीं।