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UP Crime News: आगरा पुलिस ने गिरफ्तार किए ऐसे 10 साइबर ठग, जिनके कारनामे सुनकर रह जाएंगे हैरान

Mon, 29 Sep 2025 02:25 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

नौकरी का झांसा दे कर ठगी करने वाले 10 शातिरों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से पुलिस ने 11 मोबाइल भी जब्त किए हैं, जो ठगी की घटना को अंजाम देने में प्रयोग किए जाते थे। 
 
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साइबर ठग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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दुबई, कंबोडिया, लाओस आदि देशों में बैठे साइबर ठगों के लिए चालू बैंक खाते खुलवाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। गिरोह के नेपाली नागरिक सहित 10 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनमें महाराष्ट्र और हाथरस का एक-एक, गाजियाबाद और आगरा के 4-4 आरोपी हैं। ये कमीशन और नाैकरी का लालच देकर लोगों को जाल में फंसाते थे। उनके दस्तावेजों पर एमएसएमई कंपनी के नाम पर 50 करोड़ से 1 हजार करोड़ तक की लिमिट वाले चालू खाते खुलवा कर लेनदेन कर रहे थे।
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अपर पुलिस उपायुक्त नगर आदित्य सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी आमिर, मोईन, खुर्शीद, गालिब, माधव, आकाश, गुरुवचन उर्फ विपिन, यतेंद्र, सूरज और अमन हैं। सभी विदेश में बैठे साइबर ठगों के लिए कमीशन पर खाते खुलवाने का काम कर रहे थे। विदेशी गिरोह लोगों को डिजिटल अरेस्ट, निवेश के नाम पर मुनाफे देने आदि तरह-तरह के तरीके अपनाकर ठगता था।

ठगी की रकम को जमा कराने के लिए मजदूर, फड़ विक्रेता आदि लोगों को झांसे में लेते थे। कई बार नाैकरी के नाम पर दस्तावेज लेकर खाते खुलवा लेते थे। कई चालू खातों की लिमिट 50 करोड़ से लेकर 1 हजार करोड़ तक मिली है। सभी खाते एमएसएमई कंपनी के नाम पर खोले गए थे।
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इनके लिए खाताधारक से रेंट एग्रीमेंट भी कर रखा था। खातों में ठगी की बड़ी रकम जमा कराई जाती थी। एक बार रकम आने के बाद इन्हें कई म्यूल एकाउंट में ट्रांसफर कर दिया जाता था। विदेशी ठगों के पास रकम क्रिप्टो करेंसी के रूप में जाती थी। इसी रकम में से आरोपियों को 5 से 30 प्रतिशत तक कमीशन मिलता था।



कर्नाटक के खाताधारक को साथ लाए
आरोपी जिस किसी का खाता खुलवाते थे, उसे अपने साथ ही रखते थे। खाते में रकम आने पर अन्य खातों में ट्रांसफर करते थे। कर्नाटक के सैय्यद फैजान का 50 करोड़ की लिमिट का खाता खुलवाया था। इसमें 11 लाख रुपये आए थे। अब 10 करोड़ से अधिक आने वाले थे। इसके बदले में 30 प्रतिशत रकम आरोपी मोईन सहित अन्य को मिलनी थी। आरोपियों को आशंका थी कि रकम आने पर वो खाते को फ्रीज करा सकता है।

इस कारण खाताधारक को अपने साथ लेकर आगरा आए थे। सभी ट्रांस यमुना क्षेत्र के एक होटल में आए थे। मगर पुलिस को भनक लग गई। उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। जिन लोगों के नाम से खाते होते थे, उनको यह नहीं पता होता था कि खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए किया जा रहा है।

 
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इनकी हुई गिरफ्तारी
गिरफ्तार आरोपियों में आमिर (पंदेरी, थाना मंडन्गण, रत्नागिरि, महाराष्ट्र), मोईन खां (इंद्रप्रस्थ, थाना टीला मोड़, गाजियाबाद, मूल पता-ललितपुर, थाना बाडेगांव, काठमांडो, नेपाल), खुर्शीद (इंद्रप्रस्थ, गाजियाबाद), गालिब (टीला मोड़, गाजियाबाद), माधव (मढ़ी डाैकी, फतेहाबाद), आकाश कुमार (बृज विहार, मुराद नगर, गाजियाबाद), गुरुवचन उर्फ विपिन (गाजियाबाद), यतेंद्र उपाध्याय (मां भगवती विहार, राम नगर, खंदाैली), सूरत सेंगर (हाथरस) और अमन त्रिपाठी (कालिंदी विहार, आगरा) हैं। उनसे 11 मोबाइल और 1765 रुपये की बरामदगी हुई है। वहीं श्रीनिवास, अमन, सत्येंद्र, हर्ष, रुद्र, देवा, पासा, भूपेश, मनी और 1 महिला के नाम आए हैं। उनकी तलाश में टीम लगी है।

 
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