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दो साल बाद खुला परचून व्यापारी की हत्या का 'राज', एक फोन कॉल ने पकड़वाए हत्यारोपी

Mon, 20 Jan 2020 12:07 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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आगरा पुलिस की गिरफ्त में परचून व्यापारी के हत्यारोपी - फोटो : अमर उजाला
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सिकंदरा के गांव जऊपुरा के जंगल में नौ फरवरी, 2018 को हुई परचून व्यापारी ओमप्रकाश की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्लाट के विवाद में एक सटोरिये ने 60 हजार रुपये की सुपारी देकर हत्या कराई थी। गिरफ्तार एक आरोपी कमल सिंह को पूर्व में आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है। जेल से जमानत पर बाहर आने के दौरान अपने तीन साथियों के साथ मिलकर हत्याकांड को अंजाम दिया।
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मूलरूप से मोहम्मदपुर निवासी ओमप्रकाश (50) अरतौनी में रहते थे। घर में ही परचून की दुकान चलाते थे। बेटी गुड्डो और उसके दो बच्चे भी उनके साथ ही रहते थे। दस फरवरी, 2018 को जऊपुरा के जंगल में ओमप्रकाश की लाश मिली थी। उनके चेहरे और सिर पर प्रहार किए गए थे।

अज्ञात में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया। एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि हत्या के मामले में बिहार के बक्सर निवासी गोविंद पांडेय, मलपुरा के भांडई निवासी शैलेंद्र और मैनपुरी निवासी कमल सिंह को गिरफ्तार किया है। कमल ओम प्रकाश के घर में किराएदार था। 
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आगरा पुलिस की गोद में परचून व्यापारी के हत्यारोपी - फोटो : अमर उजाला
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि ओमप्रकाश की हाईवे पर कीमती जमीन थी। अरतौनी के पुष्पेंद्र का उनके घर में आना-जाना था। उस पर वह विश्वास करते थे। ओमप्रकाश ने पुष्पेंद्र के नाम पर अपने मकान और जमीन की वसीयत कर दी थी। मगर, बाद में उनकी बेटी के पति की मौत हो गई। इस पर वह बच्चों को लेकर घर में आ गई। इस पर ओमप्रकाश ने मन बदल लिया। पुष्पेंद्र को जमीन और मकान देने से मना कर दिया। इससे वह रंजिश मानने लगा। 

उसने दुकान में क्लीनिक चलाने वाले कमल सिंह से संपर्क किया। कमल सिंह ओमप्रकाश के मकान में किराये पर रहता था। कमल सिंह ने अपने साथियों दयाराम, शैलेंद्र और गोविंद पांडेय के साथ हत्या की योजना बनाई। पुष्पेंद्र ने 60 हजार रुपये की सुपारी दी। गोविंद पांडेय कमल की दुकान पर आता था। योजना के मुताबिक, गोविंद पांडेय ने ओमप्रकाश को पार्टी करने के बहाने बुलाया।

चारों ने शराब पीने के दौरान ओमप्रकाश के सिर में डंडे से ताबड़तोड़ प्रहार करके हत्या कर दी। इसके बाद फरार हो गए। पुष्पेंद्र एनडीपीएस एक्ट में एक महीने पहले पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है। पुलिस ने बताया कि वह सटोरिया है। उस पर सट्टे के केस हैं। खुलासा करने वाली पुलिस टीम में थाना सिकंदरा के प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार, थाना हरीपर्वत के प्रभारी निरीक्षक अजय कौशल, निरीक्षक नरेंद्र कुमार, निरीक्षक विनोद कुमार, एसआई हरवेंद्र मिश्रा, एसआई कुलदीप मलिक आदि रहे।
 
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ट्रक चालक की हत्या में जेल गया था कमल सिंह
कमल सिंह ओमप्रकाश के मकान में किराये पर रहता था। उसने पुष्पेंद्र के घर में क्लीनिक खोल रखा था। उसे एत्माद्दौला क्षेत्र में वर्ष 2005 में ट्रक चालक की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। अपील मंजूर होने पर 2012 में जेल से बाहर आ गया था। जेल में रहने के दौरान उसकी मुलाकात दयाराम उर्फ बलवंत उर्फ फौजी, गोविंद पांडेय और शैलेंद्र से हो गई थी। दयाराम थाना सदर से दुष्कर्म के मामले में जेल भेजा गया था। गोविंद पांडेय भी जेल गया था। दोनों भाड़े पर हत्या करते हैं। 

चोरी के मोबाइल से कॉल किया तो पकड़े गए
एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि ओमप्रकाश को फोन करके बुलाया गया था। उनके मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल निकाली गई। आखिरी कॉल एक वृद्ध महिला की थी। महिला का मोबाइल बस में यात्रा के दौरान चोरी हो गया था। उससे बिहार में महिला को भी कॉल की गई थी। महिला गोविंद पांडेय की परिचित थी। पुलिस ने गोविंद को पकड़ लिया। उससे पूछताछ हुई तो केस खुल गया।
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