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प्रोफेसर गोलीकांडः जेल में ली तीन लाख की सुपारी, शूटरों को दीं पिस्टल, पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे

Sun, 18 Oct 2020 12:31 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

28 जून को टेढ़ी बगिया क्षेत्र निवासी डॉ. आरके भारती टहलने निकले थे। कालिंदी विहार सौ फुटा मार्ग पर उनको बाइक सवार शूटरों ने
चार गोली मारी थीं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने नाऊ की सराय निवासी मोंटू और सुरेश को हत्या के प्रयास में जेल
भेजा था। शिवम, रवि और दीपक को हमले की योजना में मुल्जिम बनाया गया था। 13 अगस्त को केस के वादी सहायक प्रोफेसर के
भाई हरिशंकर पर टेढ़ी बगिया के पास हमला हुआ था।
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सुपारी लेने वाला बदमाश बंटी यादव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आंबेडकर विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर डॉ. आरके भारती और उनके भाई हरिशंकर की सुपारी लेने वाले बदमाश बंटी यादव को शुक्रवार रात क्राइम ब्रांच और थाना एत्माद्दौला पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बंटी ने फिरोजाबाद जेल में बंद रहने के दौरान तीन लाख रुपये में दोनों की हत्या की सुपारी ली थी। शनिवार को उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि बंटी ने शूटरों को पिस्टल उपलब्ध कराई थी। वह लाखन गैंग का सदस्य रहा है। पत्नी सदर क्षेत्र के एक वार्ड की पार्षद है। 
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28 जून को टेढ़ी बगिया क्षेत्र निवासी डॉ. आरके भारती टहलने निकले थे। कालिंदी विहार सौ फुटा मार्ग पर उनको बाइक सवार शूटरों ने चार गोली मारी थीं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने नाऊ की सराय निवासी मोंटू और सुरेश को हत्या के प्रयास में जेल भेजा था।


शिवम, रवि और दीपक को हमले की योजना में मुल्जिम बनाया गया था। 13 अगस्त को केस के वादी सहायक प्रोफेसर के भाई हरिशंकर पर टेढ़ी बगिया के पास हमला हुआ था। उनको भी तीन गोली मारी गईं थीं। पुलिस ने टेढ़ी बगिया निवासी रवि और दीपक को जेल भेजा था। शिवम, मोंटू और सुरेश को हमले की योजना में मुल्जिम बनाया गया। 
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छह बार जेल जा चुका है बंटी
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि पुलिस को पूछताछ में पता चला था कि मकान के रुपयों के विवाद में शिवम ने सहायक प्रोफेसर पर हमला कराया था। उसने हत्या की सुपारी फिरोजाबाद जेल में बंद नई आबादी, सोहल्ला, सदर निवासी बंटी यादव को दी थी। शिवम का भाई उस समय जेल में बंद था। उसे हत्या में सजा हुई थी।


इसलिए बंटी को दोनों जानते थे। पुलिस बंटी यादव की तलाश कर रही थी। उसको शुक्रवार रात को टेढ़ी बगिया स्थित ईंट मंडी के पास से गिरफ्तार कर लिया। मलपुरा क्षेत्र में सिपाही प्रदीप यादव की हत्या, ट्रेन से कुख्यात हरेंद्र राणा और वीनेश को पुलिस हिरासत से भगाने में भी उसकी भूमिका सामने आई थी। वह जेल गया था। वर्ष 2012 से मार्च तक छह बार जेल जा चुका है। मार्च में जमानत पर बाहर आ गया था। गोलीकांड के बाद कानपुर फरार हो गया था। 

पुराने मुकदमों में जमानत भी निरस्त कराएंगे
थाना एत्माद्दौला पुलिस ने बताया कि अब बंटी यादव के पुराने मुकदमों की जमानत भी निरस्त कराई जाएगी। सदर थाने में उसकी हिस्ट्रीशीट खुलवाने की तैयारी की जा रही है। उसके खिलाफ 12 मुकदमे दर्ज हैं। तीन सिपाहियों की हत्या के मुकदमे में उसका नाम सामने आया था। बंटी यादव पूर्व में मलपुरा के गांव बमरौली अहीर के बदमाश लाखन यादव गैंग का सदस्य था। बाद में दोनों अलग हो गए थे। दोनों के बीच अंधाधुंध फायरिंग हुई थी। 
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