आगरा पुलिस ने ऐसे तीन शातिरों को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी दस्तावेज से लोन पर महंगे मोबाइल और एसी खरीदते थे। इसके बाद शातिरों का पता नहीं चलता था। साइबर सेल ने मुकदमा दर्ज होने के बाद तीन शातिरों को गिरफ्तार किया है।
थाना न्यू आगरा पुलिस और साइबर सेल ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोन लेकर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खरीदने वाले गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। सभी हाथरस के रहने वाले हैं। आरोपी लोगों के दस्तावेज को फोटोशॉप की मदद से एडिट करते थे। इसके बाद फाइनेंस कंपनी में लगाते थे। लोन लेकर खरीदे गए इस सामान को बेच देते थे।
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ओम नगर, नगला बूढ़ी निवासी ललित कुमार ने एसएसपी से शिकायत की थी। इसमें गया कहा था कि उन्होंने वर्ष 2017 में फाइनेंस कंपनी से ईएमआई पर एक मोटोरोला फोन लिया था। लोन कराने के लिए अपना आधार कार्ड, पेन कार्ड और बैंक पासबुक लगाई थी। पिछले दिनों उन्हें पता चला कि उनकी आईडी पर कंपनी से लोन लेकर मोबाइल और एसी लिया गया है। लोन लेने के लिए उनके दस्तावेज को कंप्यूटर में एक साफ्टवेयर के माध्यम से एडिट किया गया था।
साइबर सेल ने किया खुलासा
एसएसपी सुधीर कुमार सिंह के मुताबिक, मामले की जांच साइबर सेल ने की। थाना न्यू आगरा में धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले में तीन लोगों को पकड़ा गया है। आरोपियों में हाथरस के सादाबाद स्थित ऊंचा गांव निवासी रविंद्र पाल उर्फ अन्नू, जितेंद्र कुमार और पंकज कुमार हैं। उनके पास से एक वीवो मोबाइल, फर्जी आधार कार्ड और एक पेन कार्ड बरामद किया गया है। एक आरोपी एत्माद्दौला निवासी राम नरायण फरार हैं। उसकी तलाश की जा रही है।
फोटोशॉप से करते थे एडिट
पुलिस की पूछताछ में आरोपी रविंद्र पाल ने बताया कि पंकज कुमार सरगना है। राम नरायण दस्तावेज उपलब्ध कराता है। जितेंद्र खरीदे गए सामान को बेचने का काम करता है, जो पैसा मिलता है, उसको आपस में बांट लेते हैं। लोगों के दस्तावेज को पंकज और रामनरायन फोटोशॉप साफ्टवेयर की मदद से एडिट कर लेते थे। आशंका है कि उन्होेंने कई और लोगों के दस्तावेजों पर लोन लिया है।