सीओ हरीपर्वत अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज किया गया। मुख्य आरोपी मेहताब राणा की पत्नी भूरी, भाभी रेशमा और शानू को गिरफ्तार किया गया है। तीनों को जेल भेजा गया है।
सूत्रों के मुताबिक, मेहताब का भाई गुलफाम भी पुलिस की हिरासत में है। उससे पूछताछ की जा रही है। एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि चार टीम आरोपी की गिरफ्तारी और किशोरी की बरामदगी के प्रयास में लगी हैं। तीन आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया है।
तीन बार किया अगवा
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि वर्ष 2018 में मेहताब किशोरी को अगवा करके ले गया था। उसे मेरठ में ले जाकर रखा था। तब आरोपी को उसके घरवालों ने शरण दी थी। मुकदमा दर्ज किया गया था। दबाव में मेहताब के परिजन किशोरी को मेरठ के एक थाने में छोड़ गए थे। दो माह बाद मेहताब राणा किशोरी को अगवा करके ले गया था।
इस बार पुलिस ने उसे पकड़ लिया था। उसके पास हाईकोर्ट का स्टे था। पुलिस ने पहले स्टे खारिज कराया था। बाद में उसे जेल भेजा था। मुकदमे में दो नाम और बढ़ाए गए थे। मुकदमे की विवेचना आज तक लंबित है। पुलिस मददगारों की गिरफ्तारी नहीं कर सकी है। अब मेहताब राणा किशोरी को तीसरी बार अगवा करके ले गया। उसका सीसीटीवी फुटेज सामने आ गया।
छह बच्चों का पिता है आरोपी
एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि वर्ष 2018 में मेहताब राणा मेरठ से आगरा के होटल में नौकरी करने आया था। तभी उसकी पहचान किशोरी के पिता से हो गई। मेहताब ने ताजगंज क्षेत्र में एक मकान किराये पर ले लिया।
यहां पर उसकी मुलाकात किशोरी से हो गई। उसे जाल में फंसाने के बाद मिलने लगा। विवेचना में पता चला कि आरोपी की शादी दस साल पहले हुई थी। उसके छह बच्चे भी हैं। न्यू आगरा थाने की एक टीम ने मेरठ में डेरा डाल रखा है। हालांकि उसकी लोकेशन दिल्ली की मिली है।
बेटी को बरामद कराने के लिए ट्विटर पर छेड़ी मुहिम
थाना न्यू आगरा क्षेत्र से किशोरी के अपहरण के मामले में ट्वीट भी किया गया है। इसके बाद किशोरी को बरामद करने के लिए ट्विटर पर मुहिम छेड़ दी गई है। किशोरी को ले जाने का सीसीटीवी फुटेज भी शेयर किया गया। इस पर आगरा पुलिस ने भी ट्वीट किया। इसमें पुलिस कार्रवाई की जानकारी दी गई है। वहीं प्रकरण के बारे में भी बताया गया है।