यह भी मांग
कारोबारियों के मुताबिक पेठे पर पांच फीसदी जीएसटी है। कायदे से कुटीर उद्योग को करमुक्त होना चाहिए। इसलिए क्योंकि इससे जुड़े अधिकांश लोग पढ़े लिखे नहीं है। जिससे हिसाब किताब करना मुश्किल हो जाता है।
किसानों को भी होगा लाभ
पेठा कारोबारी यथार्थ अग्रवाल ने कहा कि उद्योग वर्षों से स्थापित है। यूनिट बनने से उद्यमियों की तरक्की का रास्ता प्रशस्त होगा। किसान को सीधे तौर पर लाभ हो सकेगा।
बड़े पैमाने पर हो सकेगा निर्यात
पेठा कारोबारी सुनील सिंघल ने कहा कि अभी शहर के आसपास ही आपूर्ति करते हैं। यूनिट बनने से देशभर में आपूर्ति के अलावा निर्यात भी बड़े पैमाने पर कर सकेंगे।
सीजन में भी फल की कमी नहीं पड़ेगी
कारोबारी पंकज शर्मा ने कहा कि बजट में हमारी मांग मानी जाए तो गैर सीजन ही नहीं बल्कि सीजन में भी फल की कमी नहीं पड़ेगी। इसके चलते अभी हमें महंगे भाव पर फल खरीदना पड़ता है।