ताजनगरी के लिए घोषणा तो की गई थी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की। मंजूरी मिली सिविल एन्क्लेव की। जमीन पर यह भी नहीं बन पा रहा है। आलम यह है कि दो साल में जमीन का अधिग्रहण तक पूरा नहीं हो पाया है। अधिकारी दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं।
अगर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद गंभीर रुख अख्तियार करके सिविल एन्क्लेव के निर्माण की समय सीमा तय नहीं की तो लेट लतीफी चलती रहेगी। अब तो लोग कहने लगे हैं कि यह घोषणा ही हवाई तो नहीं है।
सरकार ने सिविल एन्क्लेव बनाने में तो जरा भी तेजी नहीं दिखाई, लेकिन प्रदेश में भाजपा की सरकार आते ही इसका नामकरण तुरंत कर दिया। इसका नाम पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर रखा गया।