35,243 मुस्लिम वोटों को खींच न पाई बसपा
पिछले निकाय चुनाव में मेयर पद के लिए पूर्व मंत्री रहे चौ. बशीर उतरे थे। उन्हें तब 35,243 वोट मिले थे, लेकिन इस बार मुस्लिम इलाकों में सपा की जगह बसपा को मतदान हुआ, पर आंकड़ों में यह नजर नहीं आया। बीते चुनाव में बसपा को 1.43 लाख वोट मिले थे और इन 35,243 वोटों को मिला दें तो बसपा का आंकड़ा इस बार 1,78,802 हो सकता था, पर इस बार महज 1.59 लाख वोट ही पार्टी हासिल कर पाई। मतदाताओं की संख्या बढ़ने के बाद भी बसपा अपने वोट नहीं बढ़ा सकी। वह भी उस स्थिति में, जब समाजवादी पार्टी के वोटों की संख्या में कमी दर्ज की गई। भाजपा विरोधी मतों में सपा और कांग्रेस के 13 हजार वोटों की कमी के साथ चौ. बशीर के वोटों को मिला लें तो भी बसपा 48 हजार वोटों को अपने साथ नहीं जोड़ पाई। बसपा जोनल काेआर्डिनेटर गोरेलाल के मुताबिक पार्टी परिणामों की समीक्षा करेगी कि आखिर कहां कमी रह गई।
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7 मुस्लिम प्रत्याशी जीते, भाजपा का एकमात्र हारा
नगर निगम चुनाव में भाजपा ने एकमात्र मुस्लिम महिला को टिकट दिया था लेकिन वह चुनाव न जीत पाईं। इस बार 7 मुस्लिम प्रत्याशी जीतकर सदन में पहुंचे हैं। इनमें 4 बसपा के हैं और 3 समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी हैं। भाजपा ने वार्ड 15 ढोलीखार से तसलीम बानो को टिकट दिया था। बसपा की प्रत्याशी को 2822 मत मिले हैं, जबकि भाजपा प्रत्याशी तसलीम बानो को 507 वोट ही हासिल हुए हैं। इस तरह पार्टी ने खाता तो खोला, पर जीत नसीब नहीं हुई। सपा के तीनों पार्षद मुस्लिम चुने गए हैं। मंटोला से समाजवादी पार्टी के मोहम्मद शहजाद को जीत हासिल हुई है। वार्ड 61 ख्वासपुरा से जरीना बेगम दूसरी बार जीती हैं। वार्ड 82 टेढ़ी बगिया से सपा के सज्जन अली ने जीत दर्ज की है। वार्ड 21 बारहखंभा से बसपा के मोहम्मद आसिफ जीते हैं। वार्ड से कछपुरा से बसपा इमरान अब्बास और वार्ड नंबर 100 नाई की मंडी से सुहेल कुरैशी को जीत हासिल हुई है।
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