नए वार्डों में प्रत्याशी नहीं जिता सकी बसपा
वहीं बसपा अपने वोट बैंक वाले वार्डों के अलावा नए वार्डों में प्रत्याशी नहीं जिता सकी। सपा का प्रदर्शन लचर रहा तो कांग्रेस खाता ही खोल सकी। पहले उसके दो पार्षद चुनाव जीते थे, इस बार केवल एक ही पार्षद चुना जा सका। आम आदमी पार्टी भी प्रभाव नहीं जमा सकी। बसपा छोड़कर अन्य विपक्षी दलों पर निर्दलीय प्रत्याशी भारी पड़े हैं। यह 11 वार्डों में चुने गए हैं। दूसरी ओर, पांच नगर पालिकाओं में भाजपा का खाता भी नहीं खुल सका। ग्रामीण अंचल में पार्टी का प्रदर्शन नगर निगम की तरह चमकदार नहीं रहा।