फतेहाबाद। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहाबाद से मंगलवार को प्रसव के बाद तीन घंटे में प्रसूता की छुट्टी कर दी गई थी। बुधवार को ब्लीडिंग के कारण इलाज के दौरान प्रसूता की मौत हो गई थी। अब इस प्रकरण में एक नया मोड़ सामने आया है। जांच में पता चला है कि तैनात स्टाफ नर्स ने बिना अधिकारियों को जानकारी दिए अपनी ड्यूटी एएनएम से कराई थी। आशा भी बिना सूचना दिए प्रसूता को अपने साथ ले गई थी।
चाचीपुरा की प्रसूता की प्रसूता वर्षा (28) पत्नी सुनील की बुधवार को ब्लीडिंग होने से आगरा एसएन मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई थी। वहीं, पति की ओर से एएनएम, दाई व एम्बुलेंस संचालक पर रुपये मांगने का आरोप लगाया गया था। मुख्य चिकित्साधिकारी आगरा की ओर से जांच के आदेश दिए थे जिसको लेकर अधीक्षक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहाबाद डॉ. उदय प्रताप ने जांच के दौरान पाया कि रोस्टर के अनुसार मंगलवार को स्टाफ नर्स पूजा राजपूत की ड्यूटी थी। लेकिन उन्होंने अपनी ड्यूटी बिना सूचना दिए एएनएम रीना शर्मा से कराई। अधीक्षक ने बताया कि एएनएम रीना शर्मा ने लिखित बयान में कहा है कि दीपावली के मौके पर स्टाफ नर्स पूजा राजपूत ने 20 अक्तूबर की शाम को उसे बुलाया था। 21 अक्टूबर को रीना शर्मा ने पूजा राजपूत को कॉल कर कहा कि वह रात की ड्यूटी कर चुकी हैं, अब दिन की ड्यूटी आप करें। इस पर पूजा राजपूत ने कहा कि उनकी तबीयत खराब है, वह नहीं आ पाएंगी, इसलिए ड्यूटी एएनएम से कराई गई। अधीक्षक ने बताया कि स्टाफ नर्स पूजा राजपूत ने अभी तक अपने बयान नहीं दिए हैं। पूरे मामले की रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) आगरा को भेज दी गई है।
आशा बिना बताए सीएचसी से ले गई प्रसूता को
अधीक्षक डॉ. उदय प्रताप ने बताया कि गांव चाचीपुरा खंडेर की आशा कार्यकर्ता उर्मिला बिना किसी को जानकारी दिए वर्षा को सीएचसी से लेकर चली गई थी। उसे कई बार फोन किया गया, लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। अधीक्षक ने बताया कि एएनएम के बयान लेकर पूरा प्रकरण सीएमओ आगरा को भेज दिया गया है।
अब प्रसव के बाद 48 घंटे तक नहीं होगी छुट्टी
फतेहाबाद। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहाबाद पर अब प्रसव के बाद 48 घंटे तक अगर प्रसूता नही रुकती है तो बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र व आशा का मानदेय रोक दिया जाएगा। अधीक्षक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहाबाद के डॉ. उदय प्रताप ने बताया कि अगर प्रसव के बाद 48 घंटे तक अगर प्रसूता सीएचसी पर नही रुकती है तो जिस आशा का मरीज है। उस आशा का मानदेय रोक दिया जाएगा और बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र भी नही बनाया जाएगा।