आगरा। हर तीन मिनट में अंग फेल होने पर एक मरीज की जान जा रही है। ऐसे में ब्रेन डेड मरीज के छह अंगों से नौ मरीजों की जान बच सकती है। इंडियन सोसाइटी ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन और आईएमए अंगदान के लिए ब्रेन डेड मरीजों के परिजन को को जागरूक करेगी। इसके लिए सिकंदरा बाईपास रोड स्थित अस्पताल में पोस्टर जारी किया गया।
अध्यक्ष डॉ. रणवीर त्यागी ने बताया कि ब्रेन डेड मरीज के हृदय, किडनी, लिवर, फेफड़े, अग्नाशय, छोटी आंत को दान कर सकते हैं। कॉर्निया, त्वचा, हड्डियां, नस, हृदय के वॉल्व, लिगामेंट, कार्टिलेज समेत 50 टिश्यू भी दान किए जा सकते हैं। इससे आईसीयू के मरीजों की जान बच सकती है।
डॉ. दीप्तिमाला अग्रवाल ने बताया कि ब्रेन डेड घोषित होने पर मरीज के के परिजन को अंगदान करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इससे शरीर विकृत नहीं होता है और मरीज की मौत के बाद भी उसके अंग किसी और को नई जिंदगी देंगे। अंगदान दिवस से अभियान का शुभारंभ कर रहे हैं। आईमए अध्यक्ष डॉ. पंकज नगायच का कहना है कि अंगदान के लिए बृहस्पतिवार को जागरूक कार्यक्रम भी किया जा रहा है।
नेत्र और देहदान के लिए बढ़ी जागरूकता
नेत्र और देहदान के लिए लोगों में जागरूकता बढ़ी है। इसी के चलते एसएन मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकीय पढ़ाई के लिए शव की कमी नहीं है। नेत्र बैंक प्रभारी डॉ. शेफाली मजूमदार ने बताया कि 2015 से कॉर्निया ट्रांसप्लांट यूनिट शुरू हुई थी। अभी तक 809 कॉर्निया प्राप्त हुई हैं, जिसमें से 416 नेत्रहीनों को कार्निया लगाई गईं, बाकी की चिकित्सकीय पढ़ाई में उपयोग की गई हैं। आगरा विकास मंच, श्री क्षेत्र बजाजा कमेटी, हेल्प आगरा समेत कई सामाजिक संगठन इस अभियान में जुड़े हुए हैं।