आगरा। मौसम में लगातार बदलाव ने अस्थमा-सांस रोगियों की परेशानी बढ़ा दी है। शिशुओं में निमोनिया अधिक मिल रहा है। कई की पसली भी चल रही है। हालत खराब होने पर मरीजों को भर्ती कर इलाज दिया जा रहा है।
बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज कुमार ने बताया कि बीते सप्ताह में तापमान में काफी अंतर आया है। गर्मी के बाद बारिश से तापमान कम हुआ। इससे अस्थमा पीड़ित बच्चों को सांस लेने में परेशानी हो रही है। निमोनिया के मरीज बढ़े हैं। बच्चों को ज्यादा परेशानी हो रही है। गंभीर स्थिति पर इमरजेंसी में भर्ती कराया जा रहा है। इमरजेंसी सह प्रभारी डॉ. चंद्रप्रकाश गौतम ने बताया कि मौसम में बदलाव से वायरल फीवर के ऐसे मरीजों भी आ रहे हैं, जिनको अस्थमा-सांस रोग की परेशानी है। कई मरीजों को तेज खांसी के साथ खून आने की शिकायत भी मिली है। ऐसे मरीजों को भर्ती कर ऑक्सीजन दी जा रही है।
इन बातों का रखें ध्यान
बीपी-ग्लूकोज का स्तर नियंत्रित रखें।
पुरानी बीमारियों की दवाएं बंद न करें।
ठंडी सामग्री खाने-पीने से बचें।
गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारे करें।
सीने में जकड़न पर सुबह-शाम भाप लें।