प्रसव होने के बाद महिलाएं वापस आती थीं। दो साल में 30 महिलाएं नेपाल जा चुकी हैं। लेकिन, इस बार लॉकडाउन में महिलाओं को नहीं ले जा सके थे। इस कारण फरीदाबाद के अस्पतालों में प्रसव कराया गया है। गैंग में 25 से अधिक सदस्य हैं। पुलिस अब गैंग के सदस्यों की गिरफ्तारी के प्रयास में लगी है।
फरीदाबाद के अस्पताल संचालकों से होगी पूछताछ
कोख के सौदागरों के गैंग की पड़ताल के लिए पुलिस की एक टीम को फरीदाबाद भेजा गया है। पुलिस की पकड़ में आईं दो में से एक महिला रुपयों के लालच में एक बच्ची को लेकर जा रही थी। बच्ची उसकी नहीं थी। पुलिस अब यह पता करेगी कि बच्ची की असली मां कौन है।
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महिलाओं के प्रसव के कागजात फरीदाबाद के सेक्टर 19 स्थित धर्म देवी हॉस्पिटल और गेटवेल हॉस्पिटल से बनवाए गए हैं। पुलिस इन हॉस्पिटलों के संचालकों से पूछताछ करेगी। इसके लिए स्थानीय पुलिस की मदद ली जाएगी।
पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि नेपाल की अस्पताल संचालिका अस्मिता फरीदाबाद आई थी। यहां रहकर किराए की कोख का धंधा शुरू किया। महिलाओं को एजेंट बनाया। बाद में नेपाल चली गई। अब वहीं से गैंग संचालित कर रही है। जेल भेजी गई फरीदाबाद की नीलम महिलाओं को चुनती थी।
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इस दौरान एक महिला दूसरी महिला से संपर्क नहीं कर सकती थी। रुपये किश्तों में महिलाओं तक पहुंचाए जाते थे। आरोपी महिलाओं के मोबाइल की कॉल डिटेल से पुलिस नेटवर्क से जुड़े लोगों के बारे में जानने का प्रयास कर रही है। अभी एक टीम फरीदाबाद गई है। बाद में टीम को नेपाल भी भेजा जाएगा।