आगरा। शाहगंज के मुरली विहार में भगवा झंडे लगे घरों के आगे खड़ी 9 कारों में आगजनी के आरोपी पानीपत के जुबैर को पुलिस ने रविवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी पहले दिन से जो कहानी बता रहा था, आखिर तक वही कहता रहा। परिजन को सूचना दी गई थी। मगर, उससे मिलने के लिए कोई नहीं आया है। 22 फरवरी की आधी रात को मुरली विहार में घरों के बाहर रखी कारों में आग लगाई गई थी। 27 मिनट में नौ कारों को आग के हवाले किया गया था। आरोप लगाया था कि उन्हीं घरों के आगे खड़ी कारों को निशाना बनाया गया, जिन घरों के गेट पर भगवा झंडे लगे हुए थे। पुलिस ने जुबैर को पकड़ लिया था। प्रकरण में एटीएम और आईबी की टीम ने आरोपी से पूछताछ की थी। उसने यही बताया कि वह मित्र से मिलने आया था। आटो वाले ने रुपये छीन लिए। नशे में था। घरों के दरवाजे खटखटा कर मदद मांगी थी। मगर, किसी ने मदद नहीं की। इस पर गुस्से में कारों में आग लगाई थी। इसके अलावा लकड़ी, खोखे, झोपड़ी को भी जला दिया था।
एसीपी लोहामंडी मयंक तिवारी ने बताया कि जुबैर पहले दिन वाली बात ही दोहराता रहा। मामले में आरोपी के बारे में पता करने के लिए एक टीम को पानीपत भी भेजा जाएगा। जुबैर को जेल भेज दिया गया है।