फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Agra News: बाह में नहर के पुल पर पुलिस चौकी का प्रस्ताव, पुलिस ने एसडीएम से मांगी जमीन

विज्ञापन
विज्ञापन
बाह। कैंजरा-बाह मार्ग पर पडुआपुरा स्थित चंबल नहर के पुल के पास पुलिस चौकी स्थापित किए जाने का प्रस्ताव है। पुलिस मुख्यालय लखनऊ से प्रस्ताव पर मांगी गई परीक्षण आख्या एक महीने बाद भी नहीं दिए जाने पर अपर पुलिस आयुक्त रामबदन सिंह ने नाराजगी जताई है। उन्होंने तीन दिन में भवन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर सेल को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। पुलिस ने एसडीएम को जमीन उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखा है। पडुआपुरा पर बने चंबल नहर पुल पर आए दिन अपराधिक वारदातें होती रहती हैं। धनियापुरा, समोखीपुरा, पडुआपुरा, तेजसिंह पुरा, पटकुइयन पुरा, मढ़ेपुरा तक के ग्रामीण वारदातों का शिकार होते रहे हैं। अधिवक्ता आनंद बिहारी के नेतृत्व में चंद्रभान, प्रवीन कुमार, सोनू, पवन कुमार, गौरव कुमार, मेघ सिंह, राम बिहारी, प्रवेंद्र सिंह, अतर सिंह, अनिल कुमार आदि ने पुलिस कमिश्नर एवं पुलिस महानिदेशक से पुल पर पुलिस पिकेट या चौकी स्थापित किए जाने की मांग 29 मई को की थी। मांग पर 22 अगस्त को पुलिस मुख्यालय लखनऊ ने पुलिस चौकी या पुलिस पिकेट स्थापित किए जाने के संबंध में तथ्यात्मक एवं औचित्यपूर्ण आख्या पुलिस से मांगी थी। अपर पुलिस आयुक्त रामबदन सिंह ने सहायक पुलिस आयुक्त बाह से 8 सितंबर तक आख्या उपलब्ध कराने को निर्देशित किया था। उनकी ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि एक महीना बीतने के बाद भी आख्या उपलब्ध नहीं कराई गई है। पुलिस मुख्यालय के माध्यम से शासन को प्रस्ताव, आख्या प्रेषित किए जाने में विलंब हो रहा है। उन्होंने तीन दिन में भवन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर सेल को जोनल अधिकारी के माध्यम से आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। अपर पुलिस आयुक्त के पत्र के बाद पुलिस हरकत में आई है। बाह थाने के उपनिरीक्षक सचिन कुमार ने 4 दिसंबर को बाह के एसडीएम संतोष कुमार शुक्ला को पत्र लिखकर पडुआपुरा में पुलिस चौकी स्थापित किए जाने के लिए जमीन उपलब्ध कराए जाने का अनुरोध किया है। एसडीएम ने तहसीलदार को और तहसीलदार ने राजस्व निरीक्षक व लेखपाल को जांचकर आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। अधिवक्ता आनंद बिहारी ने बताया कि नहर के पुल पर पुलिस चौकी बनने से आसपास के कबीब 20 गांवों के लोगों में सुरक्षा का अहसास जगेगा। अपराधिक घटनाओं पर अंकुश लग सकेगा।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें