बटेश्वर में कवि सम्मेलन का उदघाटन करते केन्द्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल, जिला पंचायत अध्यक
बटेश्वर के कवि सम्मेलन में भोर तक जमे रह श्रोता
बाह। बटेश्वर मेले के सांस्कृतिक मंच पर मंगलवार की रात अखिल भारतीय कवि सम्मेलन की महफिल सजी। हास्य, व्यंग्य, शृंगार और वीर रस की कविताओं पर भोर तक श्रोता तालियां बजाते रहे। मुरैना के अरविंद पोटा ने रील की दुनिया में उलझी युवा पीढ़ी पर हावी हुई पश्चिमी संस्कृति पर अपनी कविता ''''परदे पर पश्चिम हावी अब पैर पसारे गांवों में, बहू सड़क पर ठुमका मारे बांध के घुंघरू पांवों में'''' से व्यंग बाण छोड़ कर खूब तालियां बटोरी। सूरत गुजरात की सोनल जैन ने ''''भारत मां की शान की जय, अपने हिंदुस्तान की जय'''' से देश भक्ति का जोश भरा। टूंडला के लटूरी सिंह लट्ठ ने ''''बो हिंदी केबल सारी दुनिया डोल लेता है, अंग्रेजी तो पउआ पीकर भी बोल लेता है'''' पर खूब ठहाके लगवाए। राजस्थान के जगदीश खटाना ने ''''राम जी के मंदिर की नींव में गढ़े जो उन कार सेवकों के बलिदान को न भूलना, मंदिर के शिखर कलश को देख सिंह द्वार के स्वाभिमान को न भूलना'''' पर जय श्रीराम के नारे लगवाए। कवि सम्मेलन में रीवा के अमित शुक्ला, बिहार के पवन बांके बिहारी, अयोध्या की रुचि दुबे, हाथरस के पदम अलवेला, इटावा के डॉ. कमलेश शर्मा, मैनपुरी के बलराम श्रीवास्तव, फिरोजाबाद के विष्णु उपाध्याय, आगरा के प्रताप फौजदार, दीपक दिव्यांशु, बाह के गणेश विद्यार्थी ने काव्य पाठ किया। इससे पहले कवि सम्मेलन का फीता काटकर उदघाटन करते हुए केन्द्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल ने कवि हृदय भारत रत्न पूर्व प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद कर कहा कि साहित्य समाज का दर्पण है, दर्पण झूठ नहीं बोलता। कविता सुनने से सुधार की गुंजाइश रहती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटा कर और अयोध्या में राम मंदिर बनवा कर कवियों से ये विषय छीन लिए। अध्यक्षता करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया ने कहा कि आदि कवि वाल्मीकि से लेकर आधुनिक कवियों तक ने देश की संस्कृति और समृद्धि के लिए काम किया है। इस दौरान फतेहाबाद के पूर्व विधायक डॉ. राजेन्द्र सिंह, जिला पंचायत सदस्य महेश कठेरिया, भाव सिंह नरवरिया, मुन्ना लंबर, शिव कुमार शर्मा, ध्रुवराज सिंह भदौरिया आदि मौजूद रहे।