बाढ़ के बाद बटेश्वर: पचमुखी महादेव मंदिर के पास खोखला हुआ घाट और विसरांत हुई दुरुस्त
बाह। दो महीने पहले यमुना नदी की बाढ़ की कैद में बटेश्वर की शिव मंदिर श्रृंखला रही थी। बटेश्वर के घाट, मंदिर एवं कॉरिडोर के विकास के लिए रखी सामग्री बाढ़ में बह गई थी। पंचमुखी महादेव मंदिर के पास घाट की विसरांत खोखली हो गई थी। सुरक्षा दीवार ध्वस्त हो गई थी। बाढ़ के बाद कॉरिडोर क्षेत्र में यमुना नदी कीचड़ और दलदल छोड़ गई थी। बटेश्वर में 106 करोड़ की लागत से हो रहे पर्यटन विकास के काम में ब्रेक लग गया था। बटेश्वर मेला के समापन के साथ ही विकास के काम में तेजी आई है।
बाढ़ में खोखला हुआ बटेश्वर के घाट का कटान भर दिया है, रास्ता भी दुरुस्त कर दिया है। मजबूती के लिए सीसी कार्य कराया गया है। खोखले गड्ढे भरे जाने से हादसे का खतरा भी टल गया है। इतना ही नहीं मंदिर कॉरिडोर के जिस क्षेत्र में कीचड़ दलदल के हालात पैदा हो गए थे, वहां पर विकास की चमक दिखने लगी है। ठेकेदार आलोक गर्ग, श्रीनिवास गोयल, बीके चौहान, जेई दीपक कुमार, पंकज कुमार, बिंटू सिंह, पीयूष गुप्ता ने बताया कि पंचमुखी महादेव मंदिर के पास यमुना नदी की बाढ़ से विसरांत खोखली हो गई थी। ढांचे को मजबूत किए जाने के साथ लाल पत्थर बिछाए जाने का काम शुरू हो गया है। मंदिर कॉरिडोर में भी तरासने के बाद पत्थर लगाए जा रहे हैं। मंदिरों के संरक्षण के काम में भी तेजी आई है। नक्काशी के बाद पत्थर लगाने के साथ मूल रूप में संरक्षित किए जा रहे हैं। बता दें कि 106 करोड़ की लागत से हो रहे बटेश्वर के मंदिर, घाट, कॉरिडोर, हवन कुंड के विकास, फसाड लाइटें लगाने के काम में तेजी आई है।