डीसीपी सिटी से विनीता अरोड़ा के साथ मिलने पहुंचे एसपीसीए के सदस्य। स्वयं
आगरा। स्ट्रीट डॉग्स समेत सड़कों और कॉलोनियों में मवेशियों के साथ की जा रही क्रूरता के मामलों में पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। मामले में आक्रोश जताते हुए एसपीसीए के सदस्य और पशु प्रेमियों ने बुधवार को डीसीपी सिटी से मुलाकात की। उन्होंने डीसीपी से पशु क्रूरता के मामलों में तत्काल कार्रवाई की मांग उठाई। डीसीपी सिटी ने उन्हें कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया है।
एसपीसीए सदस्य और कैस्पर्स होम ट्रस्ट संचालिका विनीता अरोड़ा ने अन्य सदस्यों के साथ मिलकर डीसीपी सिटी से मुलाकात की। कहा कि एत्माद्दौला, न्यू आगरा और सिकंदरा पुलिस एसपीसीए और नगर निगम के आवेदनों पर भी कार्रवाई नहीं कर रही है। चार मामलों को जबरन वापस कराया गया। पिल्ले को जलाने और घायल पालतू कुत्ते को जंगल में फेंकने के मामले में एत्माद्दौला पुलिस के थाना प्रभारी ने सहयोग से इन्कार कर दिया और उनसे दुर्व्यवहार किया।
थाना प्रभारी पर विनीता अरोड़ा ने आरोप लगाया कि उन्होंने 26 अप्रैल के मामले में दबाव डालकर शिकायत वापस लेने को कहा। नगर निगम के ड्राइवरों से मारपीट, एबीसी स्टाफ पर हमले और सामुदायिक कुत्तों को हटाने जैसे काम में लगे कर्मचारियों की पिटाई के मामलों में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। डीसीपी सिटी ने आश्वासन दिया है कि जिस थाने से पशु क्रूरता के मामले आए हैं, उनका संज्ञान लेते हुए निस्तारण कराया जाएगा। इस दौरान जितेंद्र दायपुरिया, विशाल सैनी, अपूर्व शर्मा और अनिरुद्ध तोमर आदि मौजूद रहे।