आगरा। गौतम बुद्ध नगर में सड़क हादसे में घायल होकर कोमा में गए सिपाही सागर सिंह के परिवार को राहत मिल गई। पुलिस आयुक्त डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने पिता की पीड़ा सुनने के बाद विभागीय उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया। इसमें पता चला कि तकनीकी गड़बड़ी की वजह से सिपाही को कम पेंशन मिल रही थी। गलती सुधारते हुए अब सिपाही को चार गुना से अधिक पेंशन 12,420 रुपये मिलेंगे। साथ ही एरियर का भी भुगतान हुआ। इलाज में खर्च रकम के भुगतान के लिए भी प्रक्रिया शुरू करा दी गई है।
खंदौली के गांव हसनपुर निवासी सिपाही सागर सिंह 4 सितंबर 2017 को ड्यूटी करते हुए सड़क दुर्घटना में घायल होकर कोमा में चले गए थे। विभाग ने उन्हें सेवानिवृत्त कर दिया था। इसके बाद 3090 रुपये की पेंशन तय कर दी थी। इस पेंशन से न तो इलाज हो पा रहा था न ही परिवार के लोग खानपान का खर्च उठा पा रहे थे। पिता विशंभर सिंह ने पुलिस आयुक्त से गुहार लगाई थी। उन्हें बताया था कि विभाग ने सागर सिंह को सेवानिवृत्त करते हुए अशक्तता पेंशन बांध दी है। इलाज में खर्च हुए रकम का भुगतान नहीं किया गया है।
पुलिस आयुक्त ने अपर पुलिस आयुक्त केशव चौधरी एवं अपर पुलिस उपायुक्त, प्रोटोकाल शिवराम यादव को हरसंभव सहायता के लिए निर्देशित किया था। प्राथमिकता के आधार पर पुलिस मुख्यालय, लखनऊ से पत्राचार किया गया। पता चला कि सिपाही की अशक्तता पेंशन तकनीकी गलती से कम चल रही थी। पत्राचार के बाद पेंशन को सही किया गया। अब सिपाही को प्रतिमाह लगभग 12,420 रुपये की पेंशन प्राप्त होगी। पूर्व में कम चल रही पेंशन के 1,01,632 का एरियर भुगतान कर दिया गया है। इलाज में खर्च रकम के भुगतान के भी प्रयास किए जा रहे हैं।