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Agra News: फतेहपुर सीकरी में 31.50 क्विंटल सेलखड़ी-आटा पकड़ा

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आगरा। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीम ने फतेहपुर सीकरी स्थित समृद्धि ऑयल मिल पर छापा मारकर सेलखड़ी मिलाकर आटे की कालाबाजारी का खेल पकड़ा। टीम ने 31.50 क्विंटल सेलखड़ी-आटा जब्त किया है। मिल, मशीनों को सील कर बिक्री पर रोक लगा दी है। 10 घंटे तक चली कार्रवाई में लाइसेंस निलंबित करते हुए जांच के लिए चार नमूने लैब भेजे हैं। संचालक पर प्राथमिकी दर्ज कराई है। देर रात तक कार्रवाई की जा रही थी।
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सहायक आयुक्त खाद्य महेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि गोपनीय सूचना पर कई दिन रैकी करने के बाद लखनऊ और स्थानीय अधिकारियों की टीम ने फतेहपुर सीकरी जौतना डाबर रोड स्थित समृद्धि ऑयल मिल पर दोपहर में छापा मारा। मौके पर संचालक चिकसाना, भरतपुर निवासी अमित कुमार मिले। मिल का निरीक्षण करने पर टीम दंग रह गई। यहां कई कट्टों में सेलखड़ी भरी हुई थी। समृद्धि, उत्तम और श्याम भोग ब्रांड के आटे के 5, 10 और 12 किलो के पैकेट मिले। शुरुआती जांच में आटे में सेलखड़ी की पुष्टि हुई। इनका वजन कराने पर 51 बोरों में 1800 किलो सेलखड़ी (30,150 रुपये) मिली। इसके साथ ही तीन ब्रांड्स का 1350 किलो पैक्ड आटा भी जब्त किया गया है। इसकी कीमत 18,900 रुपये बताई गई है। कुछ मात्रा में गेहूं मिला, जो घटिया था। गोदाम को सील करते हुए मिलावटी आटा और सेलखड़ी सीज कर दिया है। तीनों ब्रांड के आटे और सेलखड़ी के नमूने लेकर लैब में जांच के लिए भेजे गए हैं।

ऑयल मिल के नाम पर लाइसेंस, नकली आटे का खेल
सहायक आयुक्त खाद्य ने बताया कि फर्म का लाइसेंस ऑयल मिल के नाम पर लिया था, लेकिन यहां पर तेल की बजाय मिलावटी आटा तैयार किया जा रहा था। इसका लाइसेंस निलंबित कर दिया है। इसके बाद प्रक्रिया अपनाते हुए निरस्त भी किया जाएगा।
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कई राज्यों में मिलावटी
आटे की कालाबाजारी

मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश गुप्ता ने बताया कि शुरुआती पूछताछ में जानकारी मिली है कि यह आटा प्रदेश के अलावा आगरा से सटे राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई जिलों में भी सप्लाई किया जा रहा था। 28 रुपये प्रति किलो के भाव से आटे की बिक्री थोक में की जाती है।
घटिया आटे की चमक बढ़ाने
में सेलखड़ी का प्रयोग
पूछताछ में संचालक ने बताया कि घटिया गेहूं की खरीद कर आटा तैयार कर तीन ब्रांड से बाजार में खपा जा रहा था। खराब गेहूं के कारण आटे में कालापन आ जाता है, जिसको चमकदार बनाने के लिए सेलखड़ी मिलाई जाती है।

ऐसे करें पहचान: एक कटोरी आटे में नींबू की कुछ बूंद मिलाने पर बुलबुले उठने पर आटा मिलावटी है। दूसरा तरीका ये है कि गिलास में पानी और आटा डालकर चम्मच से मिलाने पर आटा तली में बैठ जाएगा तो ये मिलावटी है। हथेली पर आटा रखकर रगड़ें। मिलावटी आटे में चिकनाहट और खुरदरा होने पर असली होगा। मिलावटी और नकली की शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर 18001805533 और 0562-2970049 पर शिकायत कर सकते हैं।

पथरी और आंतों में रुकावट का खतरा

डिप्टी सीएमओ डॉ. नंदन सिंह का कहना है कि सेलखड़ी शरीर में पहुंचकर पेट रोग की वजह बनती है। पेट में अल्सर, दर्द, अपच और आंतों में रुकावट हो सकती है। इसके बारीक कण एकत्रित होने से गुर्दे में पथरी का खतरा भी अधिक है। टीबी भी बन सकती है।
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