आगरा नगर निगम में इस बार 64 फीसदी ऐसे पार्षद होंगे जिन्होंने डिग्री कॉलेज का मुंह तक नहीं देखा है। शुक्रवार को जारी निकाय चुनाव के परिणामों पर नजर डालें तो कम पढ़े-लिखे पार्षदों में से 34 फीसदी तो ऐसे हैं, जिन्होंने सिर्फ आठवीं तक पढ़ाई की है। हालांकि 34 फीसदी ऐसे भी हैं, जिन्होंने स्नातक या उससे ऊपर की शिक्षा हासिल की है।
शहर की सरकार में भागीदारी करने वाले निरक्षर पार्षदों की संख्या भी कम नहीं है। ऐसे पार्षदों की सबसे ज्यादा संख्या भाजपा में है। पूरे सदन में कुल छह निरक्षर पार्षदों में से पांच भाजपा के होंगे, जबकि एक बसपा का होगा। आठवीं पास 17 पार्षदों में से आठ भाजपा से हैं, जबकि बसपा से जीते चार पार्षद भी आठवीं से ज्यादा पढ़ाई नहीं कर सके।
तीन निर्दलीय भी महज आठवीं तक पढ़ें हैं। भाजपा से जीते छह पार्षद महज पांचवीं कक्षा पास हैं, जबकि बसपा के तीन पार्षद भी महज पांचवीं तक पढ़ें हैं। हालांकि परास्नातक पार्षदों में भी सबसे ज्यादा भाजपा के हैं।
भाजपा के नौ पार्षद परास्नातक हैं, जबकि बसपा के चार पार्षदों ने परास्नातक तक पढ़ाई की है। दो निर्दलीय पार्षद भी परास्नातक हैं। एकमात्र पीएचडी पार्षद भी भारतीय जनता पार्टी के हिस्से से आते हैं।