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चरित्र पर शक: कमरे से बच्चों को निकाला, ताकि पता न चले पत्नी को क्यों मारा; जिस तरह से की हत्या दहल गया दिल

Sun, 14 Apr 2024 03:28 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

पत्नी की हत्या करने से पहले उसने बच्चों को कमरे से बाहर कर दिया। तीनों ही बच्चों को दूसरे कमरे में सुलाने के बाद वो दोबार पत्नी के कमरे में पहुंचा। यहां फिर से झगड़ा हुआ तो उसने पत्नी की कत्ल कर दिया। 

 
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नर्स का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के सदर थाना क्षेत्र के सरस्वती विहार कॉलोनी में जिस तरह पति ने नर्स पत्नी की हत्या की देखकर लोगों का दिल दहल गया। उसने पत्नी की हत्या करने से पहले तीनों बच्चों को कमरे से बाहर निकाल दिया और दूसरे कमरे में सुला दिया। वो चाहता था कि बच्चों को इस बारे में पता न चले कि उसने ये कत्ल क्यों किया है। इसके बाद आधी रात को पत्नी से फिर से झगड़ा शुरू हो गया। उसके पास मौका था, जिसके बाद उसने चाकू उठाया और पत्नी पर ताबड़ तोड़ वार करना शुरू कर दिए। इसके बाद भी उसके प्राण नहीं निकले तो मूसली उठाकर सिर पर दे मारी। 
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मंजू गोला की हत्या करने के बाद पति गोविंद उसकी लाश के सामने रातभर बैठा रहा। इसके बाद सुबह सात बजे वो खुद थाने पहुंचा और पुलिस को इस कत्ल के बारे में जानकारी दी। गोविंद ने पुलिस को बताया कि पत्नी बार-बार झगड़ा कर रही थी। इसलिए उसे मार दिया। इससे पहले उसने बच्चों को दूसरे घर में सुला दिया। इसके बाद गुस्से में पत्नी पर चाकू से कई वार किए। इसके बाद भी उसकी जान न निकली तो मूसल से प्रहार किया।
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14 साल पहले हुई थी शादी 
रामबाग, एत्माद्दौला निवासी मंजू गोला की शादी करीब 14 साल पहले सरस्वती विहार कॉलोनी निवासी गोविंद गोला के साथ हुई थी। मंजू निजी अस्पताल में नर्स थीं। गोविंद फोटोग्राफर है। दंपती के तीन बच्चे हैं। 

शक में करता था मारपीट, मांगता था खर्चा
मृतका के भाई जनक सिंह और अन्य परिजन भी सुबह घर पहुंच गए। भाई ने बताया कि बहन के तीन बच्चे अदिति (10), देवांशी (7) और देवांश (4) हैं। मंजू पूरे दिन नर्स का काम करती थी। गोविंद उससे अपने घरवालों के लिए भी खर्च मांगता था। बहन इसका विरोध करती थी। वह उस पर बेवजह शक भी करता था। अकसर मारपीट करता था। कई बार गोविंद और उसके घरवालों को समझाया था। आरोप है कि शुक्रवार को भी मंजू ने फोन करके बताया था कि गोविंद और उसके पिता दरवाजा खटखटा रहे हैं। इस पर भाई ने दरवाजा नहीं खोलने को कहा था। लेकिन इसके बाद बहन की मौत की खबर ही आई। जनक सिंह ने गोविंद और उसके पिता कुंवरपाल के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
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पुलिस सुनवाई करती तो मंजू की जान नहीं जाती
जनक सिंह ने बताया कि गोविंद ने मंजू के 10 हजार रुपये चोरी कर लिए थे। इस पर मंजू ने विरोध किया तो उसका सिर फोड़ दिया। वह शुक्रवार को शाम को थाने पहुंची थी। पुलिस ने चौकी बुंदू कटरा जाने को कह दिया। पुलिस से मामले को पति-पत्नी का आपसी विवाद समझा। नतीजा हत्याकांड के रूप में सामने आया। मंजू गोला के साथ पति ने मारपीट की थी। रात में किसी तरह मंजू चौकी पहुंची तो भी पुलिसवालों ने गंभीरता से नहीं लिया। उसे सुबह आने को कह दिया था। मंजू के भाई का आरोप है कि रात को पुलिस सुन लेती तो बहन की हत्या नहीं होती।
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