मानसून के दौरान जलभराव से निपटने के लिए आगरा नगर निगम ने 'मिशन-24' शुरू किया है, जिसके तहत छोटी समस्याओं पर 24 घंटे के भीतर काम शुरू करना अनिवार्य होगा। नालों की दोबारा जांच, पंपों पर चौबीसों घंटे कर्मचारियों की तैनाती और लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
आगरा में नालों की सफाई न होने, पार्षदों के विरोध प्रदर्शन और लोगों की नाराजगी के बाद नगर निगम ने मानसून में जलभराव से निपटने के लिए मिशन-24 तैयार किया है। बारिश के दौरान जलभराव रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई है। इसके तहत 24 घंटे के अंदर छोटे निर्माण कार्य शुरू करने होंगे। पानी निकालने के लिए पंप पर 24 घंटे कर्मचारी तैनात रहेंगे। साथ ही नालों का फिर से निरीक्षण कराया जाएगा और चोक मिलने पर सफाई कराई जाएगी।
नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सभी जोनल अधिकारियों, सहायक अभियंताओं, जूनियर इंजीनियरों को निर्देश दिए कि जलभराव की हर छोटी-बड़ी वजह पर तत्काल कार्रवाई करें। लापरवाही मिली तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। किसी क्षेत्र में मैनहोल का ढक्कन लगाना हो, जलभराव की समस्या दूर करनी हो, छोटी पुलिया या नाली का निर्माण कराना हो या किसी नाली को सीवर लाइन से जोड़ना हो, तो सफाई एवं खाद्य निरीक्षक (एसएफआई) सीधे संबंधित जेई को सूचना देंगे।
सूचना मिलने पर संबंधित जेई को 24 घंटे में कार्य प्रारंभ कराना होगा। सभी सेनेटरी इंस्पेक्टर से कहा गया है कि प्रमुख और छोटे नालों का फिर निरीक्षण करें। नालों को टेल तक साफ कराएं। अगले 10 दिनों तक प्रतिदिन शाम को निर्माण एवं सफाई कार्यों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग होगी। रात में बारिश होने पर पंप संचालन के लिए अलग से कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने बताया कि अगले 10 दिनों तक सभी अधिकारी और कर्मचारी पूरी सतर्कता के साथ कार्य करेंगे। छोटी से छोटी समस्या का 24 घंटे में समाधान कराया जाएगा। नालों की सफाई, जल निकासी और पंप संचालन की लगातार निगरानी की जाएगी। लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।