आगरा कैंट रेलवे स्टेशन से कालिंदी विहार तक निर्माणाधीन 15 किमी लंबे दूसरे कॉरिडोर पर इसी साल दिसंबर 2026 तक आगरा कॉलेज से कैंट के बीच मेट्रो दौड़ने लगेगी। कॉरिडोर का 67 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है जबकि शेष निर्माण को जून 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है।
प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह ने सोमवार को समीक्षा बैठक में निर्माण की कमान संभाल रही कंपनी एलएंडटी को कड़े निर्देश दिए थे। कंपनी को शेष कार्य युद्धस्तर पर पूर्ण करने की चेतावनी दी गई है। बता दें कि आगरा मेट्रो परियोजना की कुल लागत 8300 करोड़ रुपये है, जिसमें से अब तक 5650.05 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरविंद राय के मुताबिक दूसरे कॉरिडोर पर पिलर, पियर कैप और यू-गर्डर रखने का काम तेजी से चल रहा है। मैनपावर और मशीनों की संख्या बढ़ा दी गई है। दिसंबर 2026 में ट्रायल रन के साथ ही कोच पटरियों पर नजर आने लगेंगे।
2027 तक जुड़ेगा पूरा शहर
दूसरे कॉरिडोर का प्राथमिकता खंड जहां दिसंबर 2026 तक तैयार होगा, वहीं कालिंदी विहार तक के शेष हिस्से को जून 2027 तक जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इस परियोजना के पूरा होने से कैंट रेलवे स्टेशन, आगरा कॉलेज और कालिंदी विहार के बीच का सफर आसान होगा और शहर को ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी।
दो कॉरिडोर का जाल
पहला कॉरिडोर: सिकंदरा से ताज पूर्वी गेट (14 किमी)। इसमें 13 स्टेशन हैं, जिनमें से 6 स्टेशनों के बीच मेट्रो का संचालन वर्तमान में हो रहा है।
दूसरा कॉरिडोर: आगरा कैंट से कालिंदी विहार (15 किमी)। दिसंबर 2026 में प्राथमिकता खंड शुरू करने का लक्ष्य।
जिलाधिकारी अरविंद बंगारी ने बताया कि प्रोजेक्ट की प्रगति संतोषजनक है, लेकिन समयसीमा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। निर्माण कार्य में और तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।