आगरा मेट्रो के पहले कॉरिडोर के 10 स्टेशन तक मेट्रो का काम फैल गया है। अब अंतिम तीन स्टेशन के टेंडर का इंतजार है। अब आईएसबीटी, गुरुद्वारा और सिकंदरा तीन मेट्रो स्टेशन के लिए मिट्टी की जांच शुरू हो गई है।
आगरा में सिकंदरा से ताजपूर्वी गेट तक प्रस्तावित पहले कॉरिडोर में 10 स्टेशन तक मेट्रो का काम फैल चुका है। बृहस्पतिवार को आईएसबीटी, गुरुद्वारा और सिकंदरा तीन मेट्रो स्टेशन के लिए मिट्टी की जांच शुरू हो गई। प्रत्येक स्टेशन पर 60 से 70 नमूने लिए जाएंगे। जांच रिपोर्ट के आधार पर तीनों स्टेशन का डिजाइन बनेगा।
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पहले कॉरिडोर में 13 स्टेशन हैं। 14 किमी. लंबे इस कॉरिडोर में पहले चरण में तीन एलिवेटेड स्टेशन तैयार हो रहे हैं। इनमें ताजपूर्वी गेट, बसई और फतेहाबाद रोड निर्माणाधीन हैं। ताजपूर्वी और बसई स्टेशन पर मेट्रो ट्रैक बिछाया जा रहा है। फतेहाबाद रोड स्टेशन की बिल्डिंग बनाई जा रही है। पहले चरण में शामिल तीन भूमिगत स्टेशन ताजमहल, आगरा किला और जामा मस्जिद बन रहे हैं। इसके बाद एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा कॉलेज, राजामंडी और आरबीएस स्टेशन पर काम शुरू होगा। इन सभी 10 स्टेशन का डिजाइन तैयार हो चुका है।
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने मेट्रो कार्य की गति पर संतोष जताया है। यूपीएमआरसी के आगरा मेट्रो प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरविंद राय ने बताया कि पहले चरण में छह स्टेशन बनेंगे। इनमें तीन एलिवेटेड व तीन भूमिगत हैं। सभी 6 स्टेशन पर काम चल रहा है। रामलीला मैदान से टनल बोरिंग मशीन लॉन्च होंगी। उन्होंने कहा कि अब पूरे कॉरिडोर के सभी स्टेशन पर काम शुरू हो चुका है। अंतिम तीन स्टेशन की मिट्टी की जांच के लिए नमूने एकत्र किए जा रहे हैं। 2024 तक 6 स्टेशन के बीच मेट्रो ट्रायल का लक्ष्य है।