एक दिसंबर को आगरा में मेट्रो रेल का काम का शिलान्यास होना है लेकिन यूपी मेट्रो रेल कारपोरेशन को अब तक न तो राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण और न ही वन विभाग से जरूरी मंजूरी मिली है। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किए गए शपथ पत्र में यूपी मेट्रो रेल कारपोरेशन ने स्वीकारा है कि स्मारकों के पास अनुमति मिलना बाकी है। आगरा के चिकित्सक डॉ. शरद गुप्ता की ओर से दायर की गई याचिका के जवाब में मेट्रो रेल की ओर से शपथ पत्र दिया गया है, जिस पर आगामी सुनवाई में बहस होनी है।
सिकंदरा से ताजमहल के बीच पहले मेट्रो रूट में फतेहाबाद रोड पर काम शुरू होने वाला है। एक दिसंबर को वर्चुअल शिलान्यास की तैयारियों के बीच मेट्रो कारपोरेशन के निदेशक संजय मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र दिया है कि उन्हें अब तक राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण और वन विभाग की अनुमति नहीं मिली है। केवल लोक निर्माण विभाग और नगर निगम की अनुमति मेट्रो के पास है।
ताजमहल, आगरा किला, जामा मस्जिद, सिकंदरा, पत्थर घोड़ा, सलावत खां-सादिक खां मकबरा, लाल ताजमहल, रामबाग, चीनी का रोजा, गुरु का ताल स्मारक के पास से होकर मेट्रो गुजरेगी। इन जगहों पर निर्माण के लिए प्राधिकरण की अनुमति चाहिए। मेट्रो के शपथ पत्र में लिखा गया है कि प्राधिकरण से अनुमति की प्रक्रिया चल रही है। काम शुरू होने के बाद विभिन्न चरणों में अनुमतियां प्राप्त की जाती रहेंगी।