आगरा मेट्रो से जहां पर्यटन को रफ्तार मिलेगी, वहीं इस परियोजना से ताजनगरी का भूजल स्तर भी सुधारेगा। मेट्रो परियोजना से हर साल 10 लाख लीटर वर्षा जल से भूजल रिचार्ज होगा। इसके लिए 29 किमी ट्रैक में 300 रिचार्ज पिट बनाए जा रहे हैं। वर्षा जल संचयन संयंत्र लगाए जाएंगे। इससे ताजनगरी के गिरते भूजल स्तर में बड़ा सुधार हो सकता है।
सिकंदरा से ताजपूर्वी गेट तक 14 किमी और कालिंदी विहार से आगरा कैंट रेलवे स्टेशन तक 15 किमी कुल 29 किमी लंबे दो कॉरिडोर प्रस्तावित हैं। फिलहाल 7 किमी का प्राथमिकता कॉरिडोर का निर्माण चल रहा है। फतेहाबाद रोड पर तीन एलिवेटेड स्टेशन के लिए 40 से अधिक भूजल रिचार्ज पिट खोदे गए हैं।
प्रोजेक्ट निदेशक अरविंद राय ने बताया कि लखनऊ मेट्रो से 15 लाख लीटर भूजल रिचार्ज हो रहा है। आगरा में भी मेट्रो निर्माण के दौरान वर्षा जल संचयन के इंतजाम किए जा रहे हैं। आगरा में परियोजना पूरी होने पर एक साल में 10 लाख लीटर वर्षा जल से भूजल रिचार्ज हगा। उन्होंने कहा आगरा में इतने बड़े स्तर पर भूजल रिचार्ज के लिए मेट्रो पहली परियोजना होगी।
मेट्रो डिपो में बनेंगे तीन प्लांट
वर्षा जल संचयन के लिए मेट्रो डिपो में तीन संयंत्र स्थापित होंगे। इनसे पानी एकत्र होकर रिचार्ज पिट के माध्यम से भूजल में मिलेगा। एक संयंत्र स्टेबलिंग यार्ड में लगेगा जबकि दो डिपो में अन्य स्थानों पर।