जिन तीन मेट्रो स्टेशनों का निर्माण होना है उनके लिए सिर्फ 487 वर्ग मीटर स्थाई भूमि की जरूरत है। सबसे पहले ताज पूर्वी गेट मेट्रो स्टेशन बनेगा। इसके लिए सबसे कम 103 वर्ग मीटर भूमि की आवश्यकता होगी। जबकि फतेहाबाद स्टेशन के लिए 192 वर्ग मीटर भूमि टोरंट पॉवर और बसई के लिए 192 वर्ग मीटर भूमि सिंचाई विभाग से ली गई है।
सिकंदरा से ताजमहल पूर्वी गेट तक बनने वाली पहली लेन के लिए छह स्टेशनों का कॉरीडोर बनेगा। इसमें बसई, फतेहाबाद रोड व ताजपूर्वी गेट के लिए 273 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अगले सप्ताह से ताज पूर्वी गेट स्टेशन का निर्माण शुरू हो सकता है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ताज पूर्वी स्टेशन को टर्मिनल स्टेशन की तरह विकसित करेगा। इसके आगे फिलहाल मेट्रो नहीं जाएगी लेकिन भविष्य विस्तार के लिए आगे तक ट्रैक बनेगा।
तीनों स्टेशनों के लिए जो जमीन स्थाई रूप से ली जा रही है उसका इस्तेमाल मेट्रो स्टेशनों की निकासी व प्रवेश के लिए होगा। यूपीएमआरसी के अधिकारी ने बताया बजट नियंत्रित करने के लिए बहुत कम जगह इस्तेमाल की जा रही है। मेट्रो ट्रैक के लिए जमीन की जरूरत नहीं होगी। एलिवेटेड ट्रैक का निर्माण डिवाइडर के एलाइनमेंट पर होगा।
स्मार्ट सिटी के कैमरे भी हटेंगे
फतेहाबाद रोड पर तीनों स्टेशनों के निर्माण का काम शुरू हो गया है। दो किमी बैरीकेडिंग हो चुकी है। डिवाइडर पर लगे 1500 से अधिक पोल हटाए जा चुके हैं। यहां डिवाइडर पर स्मार्ट सिटी योजना के तहत लगे कमांड कंट्रोल रूम के सीसीटीवी कैमरों को हटाने का काम शुरू नहीं हो सका है।