मेट्रो के कॉरिडोर एक में प्रस्तावित मेट्रो स्टेशन के लिए ताजमहल से आगरा कॉलेज मैदान तक टनल की खोदई (एनएटीएम) ऑस्ट्रियन तकनीक से होगी। खोदाई से निकली मिट्टी बाहर नहीं आएगी। टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) अंदर ही मिट्टी को पतला कर उसे प्लास्टर में बदल देगी। इससे टनल के अंदर ही मिट्टी का लेपन में इस्तेमाल हो जाएगा।
सिकंदरा से ताजमहल पूर्वी गेट तक 14 किमी मार्ग में 14 मेट्रो स्टेशन बनेंगे। इनमें आठ स्टेशन भूमिगत होंगे। भूमिगत स्टेशन के लिए समानांतर दो टनल बनेंगी। पुरानी मंडी चौराहे स्थित ताजमहल स्टेशन से आगरा कॉलेज इंटरचेंज स्टेशन तक टनल खोदी जाएगी। टनल खोदने के लिए मशीनें व मशीन चलाने वाले भी ऑस्ट्रिया से आएंगे।
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के परियोजना प्रबंधक अरविंद राय ने बताया कि टनल खोदाई कवर एंड कट मैथड से होगी। सड़क यातायात व अन्य कोई अवरोध नहीं होगा। जगह-जगह मिट्टी के ढेर भी नहीं लगेंगे। टनल की खुदाई से निकली मिट्टी को पतला कर उसे प्लास्टर के स्वरूप में बदलकर टनल में ही इस्तेमाल किया जाएगा। जिस तकनीक से आगरा मेट्रो के लिए टनल बनाई जाएगी वह तकनीक 1962 में ऑस्ट्रिया में विकसित की गई थी। 1969 में सबसे पहले इस तकनीक से फ्रेंकफर्ट शहर में मेट्रो के लिए टनल बनाई गईं थीं।