आगरा में मेडि सिटी और मेडिकल पार्क बनाने की मांग तेज हो गई है, जिसके लिए आईएमए अगस्त में कॉन्फ्रेंस आयोजित करेगा। इस परियोजना से मेडिकल टूरिज्म बढ़ेगा, विदेशी मरीज आएंगे और शहर में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
एसएन के मिनी एम्स बनने के बाद शहर को एक और बड़ी सौगात की उम्मीद बंध गई है। आगरा में मेडि सिटी बनाने की कवायद तेज हो गई है। इसकी पैरवी आईएमए कर रही है। इसके लिए अगस्त में कांफ्रेंस होने जा रही है। इसमें मेडिकल पार्क की जरूरत और लाभ पर मंथन के बाद श्वेत पत्र बनेगा। इसे मुख्यमंत्री को सौंपा जाएगा। आईएमए का तर्क है कि मेडिकल पार्क बनने से टूरिज्म मेडिकल को बढ़ावा मिलेगा। विदेशी भी यहां इलाज कराने आएंगे।
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आगरा में 2500 से अधिक चिकित्सक और करीब 1400 अस्पताल समेत अन्य चिकित्सकीय संस्थान हैं। यहां नामी चिकित्सक रहे, जिन्होंने शोध और चिकित्सकीय कार्य के लिए देश-दुनिया में पहचान बनाई। आगरा में तेजी से निजी सुपर स्पेशियलिटी सेंटर भी बढ़ रहे हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज भी 1200 करोड़ रुपये से मिनी एम्स बन रहा है। अब आगरा में मेडिकल और फार्मा पार्क की भी मांग उठ रही है। इसके लिए आईएमए ने पूरी कार्ययोजना बना ली है। अगस्त में कांफ्रेंस हो रही है, जिसमें चिकित्सक, शोधार्थी, दवा कंपनियों के संचालक, मशीन निर्माण करने वाली कंपनियों के संचालक समेत चिकित्सकीय कार्य से जुड़े लोग इसमें शामिल होंगे। इसमें मेडिकल पार्क-फार्मा पार्क की जरूरत, उसकी रूपरेखा का प्रस्तुतीकरण होगा। इसमें मंथन होने के बाद श्वेत पत्र तैयार होगा। इसको मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा। आईएमए का प्रतिनिधि मंडल भी मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचेगा।
विदेशी मरीजों के इलाज से बढ़ेगा रोजगार
आईएमए मेडिकल पार्क और फार्मा पार्क के लिए प्रस्ताव बना रही है। इसके लिए कांफ्रेंस में रूपरेखा तय होगी। आगरा धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए भी प्रसिद्ध है। यहां विश्वविख्यात कई नामी चिकित्सक भी मौजूद हैं। ऐसे में मेडिकल पार्क बनने से मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। इससे रोजगार तेजी से बढ़ेगा, विकास की गति भी रफ्तार पड़ेगी।- डॉ. पंकज नगायच, अध्यक्ष आईएमए
यातायात की भी है बेहतर सुविधा
ताजमहल के अलावा आगरा की पहचान यहां के कई डॉक्टरों के नाम से भी है। मेडि सिटी बनने से आगरा ही नहीं पूरे प्रदेश के लिए तरक्की की राह खुल जाएगी। आगरा में एयरपोर्ट, मेट्रो, एक्सप्रेस वे और स्तरीय रेलवे स्टेशन भी हैं। इससे देश-दुनिया के लोग इलाज कराने आएंगे।- डॉ. सुनील शर्मा, पूर्व अध्यक्ष आगरा सर्जंस एसोसिएशन
ये होगी मेडिकल पार्क की रूपरेखा:
शहर के आसपास मेडिकल सिटी के लिए जमीन चिह्नित की जाए। इसमें सर्जिकल आइटम, दवा निर्माण कंपनी, मशीन-उपकरण का अलग से जोन हो। हॉस्पिटल, लैब, क्लीनिक के लिए जरूरत के आधार पर सब्सिडी देकर प्लॉट उपलब्ध कराए जाएं। इससे एक ही स्थान पर जांच, इलाज, दवा, मशीनों की उपलब्धता हो जाएगी। इससे मरीज और चिकित्सकों को राहत मिलेगी। इससे देश-विदेश से मरीज इलाज कराने आएंगे। इससे नॉन मेडिकल लोगों को भी रोजगार मिलेगा।
पदमश्री पाकर किया शहर का नाम रोशन
आगरा में पदमश्री पाने वाले दो वरिष्ठ चिकित्सक हैं। ऐलोपैथी में डॉ. डीके हाजरा और होम्योपैथी में डॉ. आरएस पारीक ने पदमश्री प्राप्त कर शहर का नाम रोशन किया है। चिकित्सा के क्षेत्र में दिंवगत डॉ. एचएस असोपा, डॉ. आरसी मिश्रा समेत कई ऐसे नामी चिकित्सक हैं, जिनका देश-दुनिया में चिकित्सकीय कार्य से पहचान बनाई है।