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आगरा महायोजना-2031: आगरा विकास प्राधिकरण का ड्राफ्ट आधा-अधूरा, दिखीं ये खामियां

Mon, 24 Jan 2022 12:01 AM IST
Abhishek Saxena अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

एडीए ने जो ड्राफ्ट अपलोड किया है उसमें खसरा संख्या न होने से मास्टर प्लान को समझने में परेशानी हो रही है। वहीं कई सड़कें नक्शे में आवासीय, ड्राफ्ट में कॉमर्शियल बताई गईं हैं। वेबसाइट पर नक्शे अपलोड नहीं किए हैं, उन्हें देखने में दिक्कत आ रही है।
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एडीए का ड्राफ्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा महायोजना-2031 का ड्राफ्ट तीन दिन पहले आगरा विकास प्राधिकरण ने जारी किया, लेकिन वह तीसरे दिन वेबसाइट पर अपलोड किया गया। प्राधिकरण ने अमर उजाला की खबर के बाद वेबसाइट पर इसे अपलोड किया भी तो आधा-अधूरा। 66 पेज के ड्राफ्ट को अपलोड किया गया, लेकिन इससे जुड़े नक्शों को दिखाया ही नहीं गया। 

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वेबसाइट पर अपलोड ड्राफ्ट में महायोजना को जिस तरह दिखाया गया है, उसमें भू उपयोग की जानकारी ही नहीं है। शहर में पांच जगहों नगर निगम, आगरा विकास प्राधिकरण कार्यालय, कमिश्नरी, कलेक्ट्रेट और तहसील सदर में जो नक्शे रखे हैं, उससे जुड़ा ड्राफ्ट और ब्योरा नहीं रखा गया। दोनों ही जगह आधे-अधूरे मास्टर प्लान-2031 के ड्राफ्ट के कारण लोग परेशान हैं। भू उपयोग का ब्योरा न होने से लोग असमंजस में हैं। आपत्तियां और सुझाव देने के लिए वह परेशान हैं लेकिन प्राधिकरण के अधिकारियों ने कहा है कि अगले सप्ताह ही ड्राफ्ट की प्रतियां पांचों स्थानों पर रखी जा सकें गी। 

नक्शे में ग्रीन बेल्ट, ड्राफ्ट में नहीं
आधे-अधूरे ड्राफ्ट में कई खामियां भी हैं। वेबसाइट पर ड्राफ्ट देखने के बाद एडीए ऑफिस पहुंचे प्रमोद सिंघल ने बताया कि नक्शे में रमाडा होटल के पास पर्यटन के लिए छोड़ी गई जमीन के पास ग्रीन बेल्ट दिखाई गई है लेकिन ड्राफ्ट में नहीं है। इसी तरह फतेहाबाद रोड पर मुगल होटल के साइड वाली रोड को आवासीय में दिखाया गया है जबकि वहां आगरा विकास प्राधिकरण ने ही कॉमर्शियल नक्शे पास किए हैं। यहां भू उपयोग आवासीय दिखाया गया है। 
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मुख्य नगर नियोजक आरके सिंह ने बताया कि ड्राफ्ट छपाई के लिए गया है। सोमवार या मंगलवार से सभी जगहों पर रखवा दिया जाएगा। नक्शे में अलग-अलग रंग से भू उपयोग प्रस्तावित किए गए हैं। उनसे समझ सकते हैं। 

जब छपकर आ जाता तभी रखते
एडीए में केवल नक्शा रखा है, ड्राफ्ट नहीं। वेबसाइट पर ड्राफ्ट है, पर नक्शा नहीं। कोई कैसे एक साथ दोनों को देखे और समझे। आधा-अधूरा मास्टर प्लान जारी क्यों किया गया। जब छपकर आ जाता, तभी रखते तो बेहतर होता। -संदीप अरोड़ा, ताजगंज

दलाल बदलाव के दावे कर रहे
नगर निगम में मास्टर प्लान देखने गया, पर कुछ भी समझ नहीं आया। न नक्शे में ब्योरा लिखा है और न ही किताब रखी है। मुझे अपनी जमीन के भू उपयोग को जानना है तो कैसे जानूं। कई दलाल घूम रहे हैं जो नक्शे में बदलाव के दावे कर रहे हैं। -अरशद अयूब, लोहामंडी

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