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UP: कैमरून में कैसे फंसा धीरज...खाने-पीने तक के लिए मोहताज, जानें विदेश में चल रहे उत्पीड़न का काला सच

Sat, 22 Nov 2025 08:55 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

अफ्रीकी देश कैमरून में फंसे धीरज जैन के पिता ने बताया कि लूट की घटना के एक साल बाद बेटे को झूठा फंसाया गया। उसका खाना-पानी बंद कर  कंपनी उत्पीड़न कर रही है।
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मदद की गुहार लगाता परिवार। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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मेरा बेटा सदगुरु एंड ट्रैवल्स कंपनी में 12 साल से काम कर रहा है। 7 सितंबर 2024 को वह कैमरून में कंपनी की रकम लेकर आ रहा था। तभी बाइक पर चार लोग आए और पैसे लूट ले गए। तब पुलिस ने कार चालक और बेटे के बयान दर्ज किए थे। एक साल बाद बेटे ने कांट्रैक्ट की अवधि बढ़ाने के लिए कंपनी के अधिकारियों से बात की। इसके बाद उस पर 19 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगा दिया। इसका कोई साक्ष्य नहीं है। अब खाना-पानी बंद कर उसका उत्पीड़न किया जा रहा है। भारतीय दूतावास में भी सुनवाई नहीं हो रही है। भारत सरकार मदद करे और बेटे-बहू और पाैत्री को वापस लाए। मेरा बेटा निर्दोष है। ये बातें अफ्रीकी देश कैमरून में फंसे दयालबाग निवासी धीरज जैन के पिता धनपाल जैन ने कहीं। वह बेटे-बहू के विदेश में फंसने से परेशान हैं।
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मूलरूप से हरियाणा के सोनीपत निवासी धनपाल जैन ने बताया कि वह करीब 35 साल से आगरा में रह रहे हैं। दयालबाग स्थित खासपुर में कोठी बनवाई। उन्होंने बताया कि बड़ा बेटा धीरज एमकाॅम पास है। वह पहले एक ऑटो मोबाइल कंपनी के शोरूम में काम करता था। वहां पर एकाउंट का काम सीखा। कुछ दिन बाद एक कंपनी में नाैकरी करने लगा। 12 साल से पुणे की सदगुरु टूर एंड ट्रैवल्स कंपनी में काम कर रहा है। वह कैमरून में रह रहा था। तीन साल पहले फिरोजाबाद की सुप्रिया से शादी हुई थी।

 

7 सितंबर 2024 को वह कंपनी के रुपये लेकर आ रहा था। तभी बाइक पर बदमाश आए और बैग लूट ले गए। तब धीरज और उसके चालक ने पुलिस को बयान दर्ज करा दिए थे। दिसंबर में बेटा घर आ गया। जनवरी 2025 में वापस नाैकरी पर चला गया। सितंबर में उसने कंपनी के अधिकारियों से अपना कांट्रैक्ट बढ़ाने के लिए बात की थी। इसके बाद ही उस पर कैश के गबन का आराेप लगा दिया गया। इतना उत्पीड़न किया जा रहा है कि उसके घर की बिजली भी गुल कर दी गई। उन्हें बाहर तक नहीं जाने दिया जा रहा है। इससे वो परेशान हैं।

 

पिता का कहना है कि अगर कंपनी को किसी तरह का शक था तो पुलिस जांच का इंतजार करना चाहिए। घटना के बाद ही बेटे पर आरोप क्यों नहीं लगाया गया। अब अचानक बेटे का उत्पीड़न करके मामले में गलत फंसाया जा रहा है। वहां पर भारतीय दूतावास में बात करने पर भी मदद नहीं मिल पा रही है। इसके लिए भारत सरकार को प्रयास करने चाहिए। राज्यसभा सांसद नवीन जैन ने बेटे से बात की है। मंगलवार को कोर्ट की सुनवाई के बाद उसको भारत बुलाने का आश्वासन दिया है।


 
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मां बीमारी से लड़ रहीं
धनपाल जैन ने बताया कि उनके तीन बच्चे हैं। इनमें धीरज बड़ा है। दूसरा बेटा अंकुर उर्फ नीरज भी अफ्रीकी देश में ही नाैकरी कर रहा है। बेटी दीपाली जैन महाराष्ट्र में पति के साथ रह रही है। आठ महीने पहले पत्नी गीता बेटी से मिलने गई थीं। वहां उनकी तबीयत खराब हो गई। तब से उनका इलाज वहीं पर चल रहा है। वह वापस भी नहीं आ पाई हैं। बेटे के फंसने की वजह से वो भी काफी परेशान हैं। धनपाल जैन अकेले घर में रह रहे हैं। वह दिन में नाैकरी करते हैं। इस बीच बेटे को वापस लाने के प्रयास में लगे हुए हैं।
 
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