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पड़ताल: नाला सफाई की मियाद पूरी, कचरे से भरे बड़े नाले, मानसून की बारिश में होगी परेशानी!

Tue, 29 Jun 2021 12:03 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

अमर उजाला टीम ने सोमवार को शहर के प्रमुख बड़े नालों की सफाई का हाल देखा तो वह सिल्ट और कचरे से भरे मिले। बड़े नालों की ही सफाई नहीं हुई तो नालियाें का नंबर कहां से आता। वहीं भूमिगत 11 नालों में से केवल 2 से ही सिल्ट निकालने का काम शुरू हो पाया है। 
 
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एसएन मेडिकल कॉलेज के नाले में जमा सिल्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मानसून से पहले होने वाली नालों की सफाई की शुरूआत एक महीने देरी से की गई। नालों की सफाई के काम को 25 जून तक खत्म करना था, लेकिन अभी तक नालों की सफाई नहीं हो पाई। अमर उजाला टीम ने सोमवार को शहर के प्रमुख बड़े नालों की सफाई का हाल देखा तो वह सिल्ट और कचरे से भरे मिले। बड़े नालों की ही सफाई नहीं हुई तो नालियाें का नंबर कहां से आता। वहीं भूमिगत 11 नालों में से केवल 2 से ही सिल्ट निकालने का काम शुरू हो पाया है। 

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बल्देवगंज पुल छिंगामोदी नाला, जिम्मेदारी : रचना गुप्ता, सेनेटरी इंस्पेक्टर
नाले में पॉलिथीन, कतरनें और कचरा भरा हुआ है, जबकि यह नाला तीन वार्डों से होकर निकलता है। लोहामंडी, राजनगर में हर साल जलभराव की सबसे बड़ी वजह यह नाला है, जिसके साफ न होने के कारण बस्तियों में पानी भरता है। 10 फुट गहरे नाले में पूरी सिल्ट ही भरी है। 6 से 8 इंच ही पानी निकल रहा है।

एसएन मेडिकल कॉलेज नाला, जिम्मेदारी : इंद्रपाल सिंह, सेनेटरी इंस्पेक्टर
सरोजनी नायडू मेडिकल कॉलेज के बीच से निकले नाले को दो साल पहले मेयर नवीन जैन ने भी साफ कराने को कहा था, लेकिन यह नाला पूरा कचरे से भरा हुआ है। खिड़की काले खां तक यह नाला कूड़ाघर में बदल गया है। इसी नाले के किनारे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल और विभिन्न विभागों की इमारतें हैं। 

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वार्ड 67 का अलबतिया नाला, जिम्मेदारी : योगेंद्र कुशवाह, सेनेटरी इंस्पेक्टर
शंकरगढ़ की पुलिया से अलबतिया स्थित नीलगिरी एन्क्लेव तक सड़क के दोनों ओर के नाले सिल्ट से भरे पड़े हैं। अलबतिया में दोनों मैरिज होम के पास दो साल से सिल्ट निकाली ही नहीं गई। सुभाष नगर मोड़ स्थित केनरा बैंक एटीएम तक कागजी सफाई हुई, वहीं इससे पीछे के नाले पूरी तरह से कचरे और सिल्ट से भरे हैं।

रोस्टर हो गया बंद
नगर निगम नालों की मानसून से पहले की सफाई का पूरा रोस्टर बनाता था। सचिवालय से रोस्टर पार्षदों के पास पहुंचता था तो यह जानकारी रहती थी कि नाला कितने दिन तक, कितने कर्मचारियों से साफ होगा। अब अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। कब मशीन आई, कब चली गई, कितना नाला साफ हुआ, इसका कोई ब्योरा नहीं और न ही सत्यापन हो पाता है। नाला सफाई का रोस्टर जारी होना चाहिए। - हेमंत प्रजापति, पूर्व पार्षद

अधिकारियों पर हो कार्रवाई
स्मार्ट सिटी के तहत नाला बनाया, लेकिन इसकी सफाई ही नहीं हुई। नाले की सफाई न होने से बारिश में पानी भरेगा। मैने नगर आयुक्त से शिकायत की है। तय तारीख तक नालों की सफाई न करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई हो। - मनोज सोनी, पार्षद
 
 
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पुलिया में फंसती है कतरनें
लोहामंडी थाने के पीछे खतैना बस्ती में तीन गलियों में जलभराव की शिकायत नाले की सफाई न होने से है। यहां डाट की पुलिया है, जिसकी जगह ऊंची पुलिया का निर्माण होना है। पीछे से कतरन, गंदगी इसी डाट पर फंस जाती है। - शरद चौहान, पार्षद

सफाई फोटो खिंचाने तक सीमित
नालों की सफाई के नाम पर केवल नगर निगम का डीजल बर्बाद किया जा रहा है। नालों की सफाई केवल नाममात्र के लिए फोटोग्राफी तक सीमित है। फोटो खिंचने के बाद सिल्ट कितनी निकली, इसका कोई ब्योरा नहीं, न सफाई हुई। - प्रियंका प्रजापति, पार्षद

तलीझाड़ सफाई जरूरी
आजमपाड़ा, बालाजीपुरम का नाला तलीझाड़ साफ ही नहीं हुआ। केवल मशीन से फ्लोटिंग कचरा निकालकर सड़क पर रख दिया। जब तक तलीझाड़ सफाई नहीं होती, तब तक शंकरगढ़ पुलिया पर दो किमी का जलभराव खत्म नहीं होगा। - राहुल चौधरी, पार्षद

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