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हर साल पांच करोड़ पर्यटकों के बावजूद राजनीति का शिकार हो रही ताजनगरी, जानिए कैसे...

Thu, 12 Apr 2018 07:04 PM IST
न्यूज डेस्क अमर उजाला आगरा
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ताजमहल - फोटो : SELF
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पांच करोड़ सैलानी सालाना आगरा-मथुरा में आते हैं, लेकिन मंत्री और अफसर जेवर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाए जाने की पैरोकारी कर रहे हैं। 
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ट्रेवल वेबसाइटों के साथ टूर आपरेटरों की पहली पसंद आगरा है, लेकिन कुछ मंत्री और नेता आगरा से दूर जेवर में एयरपोर्ट की पैरवी में जुटे हुए हैं। 

दिल्ली एयरपोर्ट पर क्षमता से ज्यादा यात्री बताकर जेवर को विकल्प बताया जा रहा है, जबकि आगरा उससे कहीं बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।

सिविल सोसायटी ने मंगलवार को यह आरोप लगाए। सोसायटी के शिरोमणि सिंह, राजीव सक्सेना और अनिल शर्मा ने कहा कि दिल्ली एयरपोर्ट की क्षमता का आडिट किए बगैर कहा जा रहा है कि जेवर में एयरपोर्ट बनाकर यात्रियों का दबाव कम किया जा सकता है। 
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ताजमहल - फोटो : अमर उजाला
सोसायटी ने कहा कि प्रचार के बिना ही जयपुर-आगरा फ्लाइट फुल चली, लेकिन एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने की मांग को ट्रैफिक कम बताकर नकारा जाता रहा है। 

यह केवल जेवर की पैरवी के लिए किया जा रहा है। ताजमहल के लिए ही पर्यटक देश में आते हैं, ऐसे में कई इंटरनेशनल फ्लाइट सीधे आगरा भेजी जा सकती हैं। इससे इंदिरा गांधी एयरपोर्ट, दिल्ली पर दबाव कम हो सकता है।

सिविल सोसायटी दिल्ली के विकल्प के तौर पर आगरा एयरपोर्ट को आगे बढ़ाने की मांग को लेकर शहर की औद्योगिक और व्यापारिक संस्थाओं के साथ मिलकर आवाज उठाएगी। इसके लिए एफमेक, नेशनल चेंबर समेत संगठनों को पत्र भेजे गए हैं।
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